एबीजी शिपयार्ड का ऋण खाता 'धोखाधड़ी' घोषित

एबीजी शिपयार्ड का ऋण खाता 'धोखाधड़ी' घोषित

नई दिल्ली [महामीडिया]आईसीआईसीआइ्र्र बैंक के नेतृत्व में बैंकों के एक कंसोर्टियम ने एबीजी शिपयार्ड में अपने 14,000 करोड़ रुपये के निवेश को एक 'धोखाधड़ी' खाता घोषित किया है। कंपनी को दिए गए इस ऋण में अधिकांश हिस्सेदारी भारतीय स्टेटबैंक,आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की है जो 50 फीसदी से अधिक है। किसी ऋण खाते को 'धोखाधड़ी' घोषित करने के साथ ही बैंकों को अतिरिक्त प्रावधान करने की उम्मीद नहीं है और इस ऋण को गैर-निष्पादित आस्तियां  की श्रेणी में पहले ही रखा जा चुका है। एबीजी शिपयार्ड भारतीय रिजर्व बैंक  द्वारा 2016 में तैयार उन दबावगस्त कंपनियों की सूची में शामिल है जिनके खिलाफ ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। धोखाधड़ी की रकम के लिहाज से एबीजी शिपयार्ड का मामला नीरव मोदी जैसा ही है। मोदी ने 2018 के आरंभ में पंजाब नैशनल बैंक  को चूना लगाया था। 

सम्बंधित ख़बरें