कोरोना महामारी से निजी क्षेत्र के अस्पतालों के परिचालन लाभ में  40 प्रतिशत गिरावट का अनुमान   

कोरोना महामारी से निजी क्षेत्र के अस्पतालों के परिचालन लाभ में  40 प्रतिशत गिरावट का अनुमान   

भोपाल [महामीडिया]  कोरोना वायरस महामारी की वजह से चालू वित्त वर्ष में निजी क्षेत्र के अस्पतालों के परिचालन लाभ में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट आएगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की वजह से अस्पतालों की ‘बिलिंग’ में जबर्दस्त गिरावट आई है। महामारी की वजह से लोग अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही अस्पताल जा रहे हैं।क्रिसिल की जारी रिपोर्ट में  कहा गया है कि बड़ी संख्या में महामारी के मामलों की वजह से इन अस्पतालों को 15 से 20 प्रतिशत का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में मार्जिन काफी कम रहेगा।रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन और यात्रा अंकुशों में ढील के बाद जुलाई से अस्पतालों में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अस्पतालों में बिस्तरों की मांग कोविड-पूर्व के स्तर 65 से 70 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।क्रिसिल ने कहा कि इसके साथ महामारी के इलाज से होने वाली आमदनी के जरिये चालू वित्त वर्ष में अस्पतालों के राजस्व में कुल गिरावट 16 से 18 प्रतिशत रहेगी। इससे पिछले दो वित्त वर्ष के दौरान निजी अस्पतालों के राजस्व में सालाना 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन के बाद से अस्पतालों का संकट शुरू हो गया। लोगों ने नियमित परामर्श के लिए अस्पताल जाना बंद कर दिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी इलेक्टिव सर्जरी को भी टाल दिया। यह किसी भी अस्पताल की कमाई का सबसे आकर्षक जरिया होती है। विशेषरूप से अंग प्रत्यारोपण सर्जरी से अस्पतालों को काफी राजस्व मिलता है।क्रिसिल ने कहा कि सर्जरी में कमी, मुनाफे वाले चिकित्सा पर्यटन कारोबार में कमी और लागत में बढ़ोतरी की वजह से चालू वित्त वर्ष में निजी अस्पतालों के परिचालन लाभ में 35 से 40 प्रतिशत की गिरावट आएगी।

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