भारत की सन फार्मा को जापान में मंजूरी मिली

भारत की सन फार्मा को जापान में मंजूरी मिली

भोपाल [ महामीडिया ] प्रमुख औषधि कंपनी सन फार्मास्युटिकल्स को जापान के बाजार में अपनी सोरायसिस की दवा इलुम्या की बिक्री के लिए मंजूरी मिल गई है। यह दवा कंपनी की विशेष दवाओं के पोर्टफोलियो का हिस्सा है। इससे जापान में सन फार्मा के डरमैटोलॉजी पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी लेकिन विश्लेषकों ने चेताया है कि इस श्रेणी में हाल तक कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।जापान के बाजार में यह सन फार्मा की पहली नवोन्मेषी दवा है। विश्लेषकों की उम्मीद से पहले इस दवा को मंजूरी मिली है। सन फार्मा का शेयर इस खबर के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बीएसई पर आज मामूली बढ़त के साथ 481.8 रुपये पर बंद हुआ।सन फार्मा जापान के कंट्री प्रमुख जुनिची नाकामिचि ने कहा, 'इलुम्या ऐसी पहली नवोन्मेषी दवा है जिसे सन फार्मा जापान में उताना चाहती है। इलुम्या के वैश्विक क्लीनिकल परीक्षण कार्यक्रम के तहत जापानी रोगियों पर इसका व्यापक तौर पर परीक्षण किया गया।' उन्होंने कहा कि यह दवा उन जापानी रोगियों के लिए हरेक 12 सप्ताह में केवल एक इंजेक्शन के साथ उपचार का विकल्प उपलब्ध कराती है जो गंभीर किस्म की प्लेक सोरायसिस से रोजाना संघर्ष कर रहे हैं।इलुम्या को अमेरिका और यूरोपीय संघ के बाजारों के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इस दवा ने अपनी बिक्री शुरू होने के पहले वर्ष में 9.4 करोड़ डॉलर की बिक्री दर्ज की है। सन फार्मा सोरायसिस के अलावा अन्य रोगों के उपचार में भी इलुम्या के इस्तेमाल के लिए अनुसंधान कर रही है।सन फार्मा ने पिछले साल जापान में पोला फार्मा का अधिग्रहण किया था। कंपनी के पास विशेषीकृत दवाओं का पोर्टफोलियो पहले से ही मौजूद है और सन फार्मा जापान में डरमैटोलॉजी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रही है। सन फार्मा के विशेषीकृत दवा पोर्टफोलियो में ऐसी नौ दवाएं हैं जिनमें इलुम्या, एबसोरिका, जेलप्रोस, योन्सा, सिक्या आदि शामिल हैं।
 

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