केंद्र सरकार ने लालच देकर लंदन से बुलवाया था राणा कपूर को

केंद्र सरकार ने लालच देकर लंदन से बुलवाया था राणा कपूर को

नईदिल्ली [महामीडिया]  विजय माल्या की तरह आज यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर भी लंदन में 'मौज' ले रहे होते, लेकिन सरकार और आरबीआई ने बेहद चालाकी से राणा को उन्हीं के जाल में फंसा लिया। राणा कपूर कई महीनों से लंदन में रह रहे थे। बताया जाता है कि कपूर को लंदन से भारत लाने के लिए रिजर्व बैंक ने राणा को इस तरह के संदेश दिए कि यस बैंक में निवेश के सभी प्रयास विफल होने की वजह से उनकी बैंक में वापसी हो सकती है, जिसकी उन्होंने 2004 में स्थापना की थी। दोबारा यस बैंक के कर्ताधर्ता बनने का सपना लेकर जैसे ही राणा भारत लौटे, कई जांच एजेंसियों ने उन्हें सर्विलांस पर रखना शुरू कर दिया, ताकि वह देश छोड़कर जा ना सकें। सूत्रों ने बताया कि कई बार तो ऐसा भी हुआ कि जब वह रडार से बाहर हो गए तो चिंता बढ़ गई।यस बैंक को दोबारा अपनी मुट्ठी में लेने की चाहत में वह ईडी के शिकंजे में जा पहुंचे।पिछले करीब 8 महीनों में कम से कम तीन ऐसे मौके आए, जब लगा कि यस बैंक में निवेश का सौदा फाइनल होने ही वाला है, तभी संभावित निवेशकों ने कदम पीछे खींच लिए। कुछ समय के लिए तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  और सरकार भी समझ नहीं आया कि चल क्या रहा है।बाद में राणा कपूर ने अपने सूत्रों के जरिए सरकार और रिजर्व बैंक को यह इशारा किया कि वह बैंक में वापसी के लिए उत्सुक हैं। इससे सरकार और RBI को शक हुआ कि बैंक की हालत बदलने के लिए तैयार किए जा रहे प्लान को राणा ही फेल कर रहे हैं। इस मामले से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि एक केस में तो RBI ने एक निवेशक से पैसा भी जमा कराने को कह दिया था। सूत्र ने कहा, 'हर बार जब सौदा लगभग तय हो जाता था, राणा के लोग निवेशक से मिलते और उन्हें इससे दूर रहने के लिए कहते थे।'

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