फोर जी स्पेक्ट्रम नीलामी के पहले दिन सरकार को 77,000 करोड़ रुपये  का राजस्व मिला 

फोर जी स्पेक्ट्रम नीलामी के पहले दिन सरकार को 77,000 करोड़ रुपये  का राजस्व मिला 

नईदिल्ली [ महामीडिया] बहुप्रतीक्षित 4जी स्पेक्ट्रम नीलामी के पहले दिन केंद्र सरकार के लिए 77,000 करोड़ रुपये राजस्व का इंतजाम हो गया। सोमवार को शुरू इस नीलामी में 4 लाख करोड़ रुपये मूल्य के स्पेक्ट्रम की पेशकश की गई है। इस स्पेक्ट्रम नीलामी से अर्जित रकम 16 किस्तों में एक निश्चित अवधि के दौरान मिलेगी। हालांकि कंपनियां चालू वित्त वर्ष के अंत तक अग्रिम रकम अदा कर सकती हैं। इस नीलामी से सरकारी खजाने में चालू वित्त वर्ष के अंत में 12,000-13,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। अगले वित्त वर्ष भी इतनी ही रकम मिलने की उम्मीद है।700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज और 900 मेगाहट्र्ज के मामले में कुल कीमत (जिस कीमत पर बोली प्रक्रिया बंद होती है) की 25 प्रतिशत राशि अदा की जाएगी। दूसरे बैंड में कंपनियों को अग्रिम भुगतान के रूप में कंपनियों को आधी रकम देनी होगी। इस नीलामी में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया ने शिरकत की थी। नीलामी के पहले दिन कुल उपलब्ध स्पेक्ट्रम में 37 प्रतिशत की नीलामी हुई, जबकि मूल्य के लिहाज से 19 प्रतिशत हिस्से की बिक्री हुई।800 मेगाहट्र्ज बैंड और 2,300 मेगाहट्र्ज बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए सर्वाधिक बोलियां आईं। 800 मेगाहट्र्ज बैंड में स्पेक्ट्रम 4जी सेवा के लिए उपयुक्त होते हैं। 800 मेगाहट्र्ज बैंड में उपलब्ध स्पेक्ट्रम के 65 प्रतिशत हिस्से की बिक्री हुई जबकि 2,300 मेगाहट्र्ज बैंड में 89 प्रतिशत हिस्से की नीलामी हुई। 800 मेगाहट्र्ज में रिलायंस जियो ने अमानत रकम के तौर पर 10,000 करोड़ रुपये जमा किए और इस बैंड में सबसे बड़ी बोलीदाता रही। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त स्पेक्ट्रम से खुद को लैस करने के लिए दूरसंचार कंपनियों को इस बैंड में स्पेक्ट्रम की जरूरत थी।2,500 मेगाहट्र्ज और 700 मेगाहट्र्ज बैंड में स्पेक्ट्रक की बिक्री नहीं हुई। 

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