अमेरिका में बाइडेन युग की शुरुआत !

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन का शपथ लेना इसके इतिहास के एक सबसे दुखद और काले अध्याय का अंत होने के साथ ही उम्मीद व भरोसे से भरे एक नए युग की शुरुआत  भी है। पूर्व उप-राष्ट्रपति और पूर्व सीनेटर बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालते ही न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में एक नई सुबह तय है। बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवृत्ति किस कदर विनाशकारी रही, इसे देश-दुनिया के तमाम मीडिया ने बताया ही है। ह्वाइट हाउस में बिताए गए उनके चार वर्षों में कई बडे़ रद्दोबदल हुए। मसलन, नस्ल संबंधी मसलों के खिलाफ अमेरिका ने जो लाभ कमाया था, ट्रंप ने उनमें से ज्यादातर को गंवा दिया।
विभिन्न मुद्दों को निपटाने और समस्याओं के समाधान के मामले में भी ट्रंप अमेरिका के अक्षम राष्ट्रपतियों में गिने जाएंगे। कोविड-19 से निपटने का ही मामला लें, तो इस देश के पास सबसे बड़ा और अत्याधुनिक स्वास्थ्य ढांचा है। इसे तो अन्य राष्ट्रों के मुकाबले बेहतर तरीके से इस महामारी से लड़ना चाहिए था। मगर कोरोना के कुल वैश्विक मामलों में 25 फीसदी से अधिक यहीं दर्ज किए गए और कुल मौतों में भी 20 फीसदी से अधिक मौतें यहीं हुईं, जबकि यहां वैश्विक आबादी का महज पांच फीसदी हिस्सा ही बसता है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की विदाई और जो बाइडेन की नई सरकार के आते ही चीन ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने के ठीक बाद और बाइडेन के शपथ लेने के कुछ ही देर बाद चीन ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के 30 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ पाबंदी लगा दी। समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शपथ लेने के कुछ देर बाद ही चीन ने ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पिओ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन और संयुक्त राष्ट्र में राजदूत केली क्राफ्ट समेत करीब 30 अधिकारियों पर यात्रा और कारोबारी लेन-देन पर पाबंदी लगा दी। इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन में आर्थिक सलाहकार रहे पीटर नवारू, एशिया के लिए शीर्ष राजनयिक डेविड स्टिलवेल, स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्री एलेक्स अजर के साथ पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और रणनीतिकार स्टीफन बैनन पर भी पाबंदी लगायी गयी है। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों पर लगायी गयी ये पाबंदी प्रतीकात्मक हैं लेकिन अमेरिका के प्रति यह चीन के कड़े रुख को जाहिर करता है।
निस्संदेह बाइडेन प्रशासन वैश्विक राजनीति और नीतियों में भी हलचल पैदा करेगा। नए राष्ट्रपति ने कहा भी है कि ‘अमेरिका इज बैक’, यानी अमेरिका लौट आया है, और हम एक बार फिर शीर्ष पर आएंगे। 32 साल पहले अपने विदाई भाषण में रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने अमेरिका को ‘शाइनिंग सिटी ऑन अ हिल’ कहा था I विडंबना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को फिर से महान बनाने का वायदा तो किया, पर अमेरिका के इस चरित्र को 1,461 दिनों में खत्म कर दिया। रीगन जब ह्वाइट हाउस पहुंचे थे, तब बाइडेन 39 वर्षीय सीनेटर थे। आज जीवन के आठवें दशक में बाइडेन एक बार फिर अमेरिका को अच्छी ताकत बनाने के लिए तैयार हैं, और देश को ‘शाइनिंग सिटी ऑन अ हिल’ बनाना चाहते हैं।   वह एक बार फिर अमेरिका को अच्छी ताकत बनाने के लिए तैयार हैं, और देश को ‘शाइनिंग सिटी ऑन अ हिल’ बनाना चाहते हैं।

 

- प्रभाकर पुरंदरे

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