मास्क को फैशन नहीं, आदत बनाएं !

भोपाल [ महामीडिया ]कोरोना महामारी के इस दौर में यदि हम किसी जरूरी काम से या नौकरी आदि के लिए घर से बाहर निकलते हैं तो मास्क पहनना कतई ना भूलेI सोशल डिस्टेसिंग के साथ खुद को बचाने का यही एक मात्र हथियार हैI सरकार और प्रशासन मास्क पहनने की अनिवार्यता को आदेश का रूप दे चुकी हैI इसलिए हर नागरीक का कर्तव्य है कि वह घर से बाहर निकलते ही मास्क लगाएंI इसकी आदत बनाएंI  आजकल मेडिकल की दुकानों पर सर्जिकल मास्क के अलावा कई डिजाइन और फैशनवाले मास्क आसनी उपलब्ध हैंI  वैसे साफ़-सुथरे काटन के कपडे से मुंह और नाक को ढंक लेना भी पर्याप्त हैI गांवों में तो आज भी गर्मी और लू से बचने के लिए मुंह पर गमछा लपेटकर किसान काम करते हैंI हमारे प्रधानमंत्री भी "होममेड" मास्क को ही प्रोत्साहित कर रहे हैंI दो बार देश को संबोधित करने वे गमछा लपेटकर ही आए थेIलेकिन व्यापारिक मानसिकता और बिजनेस माइंडेड कंपनियां हर आपदा के समय भी पैसे कमाने का अवसर नहीं छोड़तींI यही कारण है कि आज कई तरह की डिजाइन और फैशन वाले मास्क उंची किमतों पर उपलब्ध हैI इसके अलावा बैटरी आपरेटेड मास्क से लेकर अधिक अक्सीजन खींचनेवाले मास्क तक मार्केट में उपलब्ध हैंI साधारण मास्क की किमत बमुश्किल पांच से दस रुपए के बीच होती हैIआज भारत में दो लाख से ज्यादा मास्क तैयार हो रहे हैंI अमेरिकी कंपनियां 30 लाख मास्क हर महीने बना रही हैंI हाल ही में भारत ने  " कवच" नाम का मास्क लांच किया हैI इसकी किमत करीब 45 रुपए हैIजबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वार मान्य एन-95 मास्क की किमत कई ज्यादा हैI"कवच" नाम का मास्क डीआरडीओ और भारत में मास्क को एप्रुवल देने वाली संस्था दि साउथ इंडियन टेक्स्टाईल रिसर्च आर्गनाइजेशन ने भी एप्रुव्ड किया हैIमार्केट में आज तीन तरह के मास्क उपलब्ध हैं--- घरेलू मास्क, सर्जिकल मास्क, और एन-95 मास्क I घरेलू मास्क काटन के कपडे से बना होता हैI यह संक्रमण को रोकने में भले ही बहुत प्रभावी नहीं होता है, लेकिन इससे संक्रमण का खतरा कम अवश्य हो जाता हैI इसे साबुन या गर्म पानी से धो कर, धूप में सुखाकर फ़िर से उपयोग में लाया जा सकता हैIसर्जिकल मास्क नान-वोवेन मटेरियल से बना होता हैI  यह वायरस रोकने में 95 प्रतिशत सक्षम होता हैI जबकि एन-95 मास्क वायरस के साथ-साथ बैक्टरिया, धूल, प्रदूषण आदि से भी शत-प्रतिशत रक्षा करता हैIइसके अलावा फैशन और डिजाइन वाले मास्क भी उपलब्ध हैंI लेकिन याद रहे, मास्क सुरक्षा के लिए है, फैशन के लिए नहींI इसे सहज पहनने की आदत बनाएंI  दुर्भाग्य से कुछ लोग सडक पर पुलिसवालों के सामने तो मास्क पहनते हैं, लेकिन आगे जाकर मास्क दिखावे के लिए गले में लटका लेते हैंI  "हेलमेट" पहनने के अभियान के साथ भी यही हुआI प्रसाशन और कोर्ट के आदेश बावजूद कई दुपाहिया चालक हेलमेट लेकर तो  चलते हैं, मगर पहन कर नहींIमास्क पहनने के अभियान के साथ ऐसा ना होI मास्क पहनना केवल समय की मांग ही नहीं है, बल्कि यह आपकी, आपके परिवार की सुरक्षा के लिए हैI  मास्क को उत्साह, स्वाभिमान और साहस के साथ पहनिएI  इसे महामारी से लडने और उसे हराने के लिए पहनिएI  सोशल डिस्टेसिंग के दौरान भी इसे एक-दूसरे को पहनने के लिए प्रेरित करें, बाध्य करेंI अपने देश और समाज की रक्षा के लिए मास्क पहनेI इसे आदत बनाएं    I
 

- प्रभाकर पुरंदरे

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