इस सकारात्मक पहल को सफल बनाएं

काफी समय से लॉकडाउन से बाहर आने के कदम उठाए जाने का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन इन कदमों के आधार पर ऐसी कोई व्याख्या नहीं होनी चाहिए कि कोरोना संक्रमण का खतरा कम हो गया है या फिर टल गया है। आज एक जून को हम विश्व के उन सात देशों में शामिल हो गए हैं जहां कोरोना महामारी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया हैंl जब पहला लाकडाउन लगा था तब देशभर में कोरोना मरीजों की महाज 500 थीl आज जब चौथा चरण खत्म हो चुका है तब इनकी संख्या दो लाख के आस-पास पाहुंच गई हैl  यह बेहद चिंता का विषय हैl
सच यही है कि खतरा अभी बरकरार है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह रास्ता लंबा है। एक ऐसी आपदा जिसका पूरी दुनिया के पास कोई इलाज नहीं है। जिसका कोई पहले का अनुभव ही नहीं है। ऐसे में नई नई चुनौतियों और उसके कारण परेशानियां हम अनुभव कर रहे हैं।'
कोरोना संक्रमण के मामले यही बता रहे हैं कि अभी इस खतरे के साये में ही गुजर-बसर करना होगा। देश में कोरोना वायरस के 70 फीसदी केस 13 शहरों से आए हैं। मुंबई, अहमदाबाद, इंदौर जैसे इन शहरों में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है। यहां लॉकडाउन 4.0 के नियम लागू रहेंगे। इस बीच राज्य सरकारों को छूट दी गई है कि वे अपने हिसाब से नियमों को सख्त कर सकें।
कोरोना संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों को छोड़कर लॉकडाउन से मुक्त होने की जो प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, वह वैसे तो आठ जून से और तेज होगी, लेकिन यह बहुत कुछ राज्य सरकारों और एवं उनके प्रशासन पर निर्भर करेगी। यह अच्छा है कि लॉकडाउन शिथिल करने संबंधी अधिकार राज्यों को दे दिए गए हैं, लेकिन वे अपने इस अधिकार का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखें तो बेहतर कि आर्थिक-व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है और इसमें सफलता तब मिलेगी जब आवाजाही पर अनावश्यक अंकुश नहीं लगेगा।
कोरोना के साथ जिंदगी जीने का मतलब यही है कि संक्रमण से बचे रहने के हरसंभव उपायों के साथ काम-काज निपटाए जाएं। इन उपायों और खासकर शारीरिक दूरी के नियम के प्रति राज्य सरकारों और उनकी विभिन्न एजेंसियों के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहना होगा।
यह अच्छा है कि लॉकडाउन शिथिल करने संबंधी अधिकार राज्यों को दे दिए गए हैं, लेकिन वे अपने इस अधिकार का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखें तो बेहतर कि आर्थिक-व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है और इसमें सफलता तब मिलेगी जब आवाजाही पर अनावश्यक अंकुश नहीं लगेगा। अनलाक--1 के तहत तीन चरण में छूट देने की योजना बनाई गई है। इसका पहला चरण 8 जून से लगेगा। उस दिन से शॉपिंग माल, होटल, रेस्त्रां और धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति दी गई है। इस चरण की सफलता के आधार पर अनलाक के अगले चरण में छूट का दायरा बढ़ाया जाएगा।
अब हम नागरिकों की जिम्मेदारी बढ जाती है कि घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाकर निकलें और सोशल डिस्टेन्सिंग का और अन्य गाइडलाइन का पालन करेंl सरकार के इस सकारत्मक कदम को सफल बनाएंl

 

- प्रभाकर पुरंदरे

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