अब बनेगा ओरछा देश का ख़ास डेस्टिनेशन

भोपाल [ महामीडिया ] मध्यप्रदेश अदभुत  प्रदेश है। एक साथ इतने पर्यटन स्थल किसी अन्य प्रदेश में नहीं हैं।प्रकृति भी मेहरबान है।बुंदेलखंड मप्र का ऐसा अंचल है जो पुरातात्विक धरोहर के कारण अलग स्थान रखता है। निवाड़ी  और ओरछा के नागरिकों  में इन दिनों अलग ही उत्साह देखा जा रहा है।इस उत्साह का  ठोस कारण भी है। निवाड़ी जिले के ओरछा के पर्यटन महत्व में वृद्धि के उपक्रम नमस्ते ओरछा महोत्सव का आयोजन जो हो रहा है।  इसे बुंदेखंड की काशी कहा जाता रहा है।महाराजा  कहें या भगवान राम,ये अद्भुत परम्परा है कि  यहां रामराजा को सैनिकों द्वारा सलामी दी जाती है मंदिर में पान का प्रसाद प्राप्त कर श्रद्धालु हर्षित,पुलकित हो जाते हैं।ये देश के किसी भी मंदिर  में  होने वाली अनूठी परम्परा   है  ।ओरछा महोत्सव की सभी को प्रतीक्षा है।इसका शुभारंभ भगवान श्रीराम के अयोध्या से ओरछा आगमन की कथा से शुरू होगा। इस ऐतिहासिक गाथा को थ्री डी मैपिंग से जहांगीर महल की दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों के बीच  विदेशी संगीतज्ञ और प्रतिभावान बुंदेली गायक सुरताल मिलाते दिखाई देंगे। कार्यक्रम  समापन बुंदेली व्यंजनों के जायके से होगा।  ओरछा नगरी  सज रही है। रामराजा मंदिर के नई सज्जा हो रही,उसे आकर्षक रंगों से रंगने की कवायद शुरू हो चुकी है। तीन दिवसीय ओरछा महोत्सव का ब्लू प्रिंट बन गया है। देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधि इस अंचल  की संस्कृति, संगीत, पर्यावरण, भोजन के जायके से रू-ब-रू  होंगे।क्या ओरछा में  किसी क्षेत्र में इन्वेस्ट किया जा सकता है,इसके लिए भी गंभीर निवेशक,कला और पुरातत्व प्रेमी  यहां आएं और इस इलाके के संपदा के साक्षी बनें , इसे ध्यान में रखकर  ही  कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है।ओरछा महोत्सव  की पहली  तारीख 6 मार्च की शाम को  भगवान श्रीराम के ओरछा आगमन, रानी कुंवर गणेश की कथा के साथ  शुभारंभ हो जाएगा। ओपनिंग सेरेमनी  संध्या ग्रुप के  डांस परफॉर्मेंस, क्लिंटन के म्यूजिक शो, बुंदेली आर्टिस्ट तिपन्या के साथ सजेगी।इसके साथ ही संतूर वादन का कार्यक्रम  भी होगा।  दूसरे दिन 7 मार्च की शाम  कंचना घाट पर बेतवा जी की महा आरती होगी और इसी जगह प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका शुभा मुदगल का गायन होगा। शास्त्रीय  नृत्यों  में दक्ष अदिति मंगलदास नृत्य  प्रस्तुति देंगी। इसके बाद कल्पवृक्ष के पास  म्यूजिक शो होगा।इसमें इंडियन ओशन ग्रुप, मृग्या, स्वनन किरकिरे के गायन का आनंद लिया जा सकेगा।यही नहीं  फ्रेंच गायक मनु चाव और बुंदेली आर्टिस्ट कालू राम की जुगलबंदी भी पेश की जाएगी।ओरछा मेहमानों को स्थानीय  प्राकृतिक वातावरण से रू-ब-रू कराने  के उद्देश्य से नेचर वॉक, योग, हेरिटेज साइकलिंग और फोटोग्राफी भी महोत्सव का हिस्सा बन रहे हैं।  सभी डेलीगेट्स  वन परिक्षेत्र एवं बेतवा नदी के बीच  पहुंचेंगे।ओरछा की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता  हॉट एयर बैलून से भी देखी जा सकेगी।निश्चित ही ये कोशिश पर्यटकों को  लुभाएगी ।भ्रमण के लिए किसी भी जगह ले जाने के लिए  जिला प्रशासन पर्यावरण हितैषी  ई-रिक्शा का प्रबंध कर चुका है। यह इस महोत्सव की खूबी होगी कि डीजल पेट्रोल वाहनों का कम से कम इस्तेमाल रहेगा।भोपाल के पास रायसेन जिले के छोटे से गांव झिरी से  छोटी सी धारा के साथ निकली बेतवा नदी का ओरछा में सुंदर दृश्य देखने मिलता है।मां बेतवा की महाआरती इस नदी के  महत्व को रेखांकित करेगी। सात मार्च की शाम को ही   सभी डेलीगेट्स कंचना घाट पर बेतवा की महाआरती में शामिल होंगे। यहीं पर शुभा मुदगल का गायन होगा। इसके बाद लगभग पांच सौ वर्ष पुराने कल्पवृक्ष को भी दिखाया जाएगा तथा कल्पवृक्ष के पास म्यूजिक शो होगा।ओरछा के कुदरती सौंदर्य को  दुनिया भी देखे , इसके लिए  मध्य प्रदेश सरकार फिल्म, वैडिंग, टूरिज्म सहित अन्य ऐसे ही उद्योगों से जुड़े डेलीगेट्स को  यहां बुला रही है। महोत्सव में आठ मार्च की शाम  बुंदेली भोजन  का  हाट लगेगा। म.प्र. सरकार श्री रामराजा सरकार की नगरी ओरछा को नया लुक दे रही है। पिंक सिटी जयपुर की तर्ज पर अब ओरछा को क्रीम सिटी बनाया जा रहा है। योजना के अनुसार ओरछा के हर मकान, दुकान और होटल को क्रीम रंग में रंगा जा रहा है ।यही नहीं व्यवसायिक  प्रतिष्ठानों  के बोर्ड भी एक किस्म को हों ,यह कोशिश की जा रही  है। नगर की  सड़क, नाली  शौचालयों के साथ ही पार्कों को भी  खूबसूरत बनाया जा रहा है।नमस्ते ओरछा महोत्सव से पहले रामराजा की  नगरी नए रंग में रंगी होगी। मप्र सरकार ने श्री रामराजा मंदिर के लिए एक नया मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है।इससे मंदिर अधिक भव्य दिखेगा। इस महोत्सव की गूंज देश-विदेश  तक पहुंच गई  है।यही वजह है कि अधिक से अधिक देशी-विदेशी सैलानी महोत्सव को देखने पहुंचने का मन बना चुके हैं।वे ओरछा की खूबसूरती और हेरिटेज  को जान सकेंगे।चूंकि ओरछा धार्मिक नगरी है, इसलिए यहां धार्मिक पर्यटन को तो बढ़ावा देते हुए फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी  विकसित करने की योजना  है।मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने ओरछा महोत्सव की तैयारियों की जानकारी नियमित ले रहे हैं।संस्कृति मंत्री डॉ विजय लक्ष्मी साधौ  ने भी विभागीय अधिकारियों की भूमिका सक्रिय बनाने को कहा है। पर्यटन विभाग निरंतर अनुश्रवण कर रहा। दरअसल मध्य प्रदेश सरकार ने ओरछा की अहमियत को पहली बार इतनी गंभीरता से न सिर्फ समझा  है,बल्कि इस दिशा में  ठोस क्रियान्वयन भी हो रहा है।ओरछा के स्मारकों  के सुधार का कार्य भी  हो रहा है। इस धार्मिक और पर्यटन नगर के करीब 15 पुरातत्वीय स्मारकों को करीब डेढ़ करोड़ की लागत से सुधारा जा रहा है। पर्यटन नगरी के पचास से अधिक स्मारकों में से प्रथम श्रेणी के ऐतिहासिक स्मारक राजा महल, जहांगीर महल, लक्ष्मी मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, राय प्रवीण महल एवं बेतवा नदी किनारे स्थित बुंदेला राजाओं की छतरियों सहित करीब 15 ऐतिहासिक इमारतों को उन पर लगी  घास,काई ,छोटे पौधों को हटाकर साफ सफाई के साथ सुधार कार्य किया जा रहा है। ओरछा महोत्सव के जरिए बुंदेली संस्कृति के साथ राज्य की विविध संस्कृतियों को  भी  एक मंच पर लाने का प्रयास है। इनके  सुंदर प्रदर्शन के साथ ही महोत्सव में बहुत से  कलाकार अपनी  छिपी प्रतिभा से परिचित करवाएंगे। इस दौरान होने वाली आकर्षक गतिविधियों में लोकप्रिय कलाकरों और प्रतिभागियों के साथ ही नई प्रतिभओं को भी प्रदर्शन का मौका मिल रहा है। महोत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए ग्राम और फार्म पर ठहरने की सुविधा दी जाएगी। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकेगा।  तीन दिवसीय फेस्टिवल में म्यूजिक, आर्ट, वैलनेस, ट्रेवल, नेचर, एडवेंचर, हिस्ट्री और कल्चर से जुडे़ कार्यक्रम  मोह लेंगे।ओरछा एक टूरिस्ट प्लेस के साथ वेडिंग डेस्टिनेशन भी बने,इस उद्देश्य से मप्र सरकार का फोकस केवल तीन दिन तक चलने वाले ओरछा महोत्सव पर ही नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी है। ओरछा में  साल भर यहां पर्यटक आएं , इसके लिए पर्यटन विकास निगम यहां गोल्डन ट्राइंगल बना  रहा है। इस कोशिश से दिल्ली, एनसीआर के लोग सीधे ओरछा का रूख करेंगे। गंगा आरती की तर्ज पर  ओरछा में बेतवा आरती शुरू कर दी गई है। लोकल पर्यटकों को इससे आकर्षित करना भी  प्राथमिकता है। विदेशी पर्यटकों को और अधिक संख्या में ओरछा लाने की कोशिश की सभी की सराहना मिल रही है।मुख्य सचिव श्री मोहंती तीन बार ओरछा जाकर नागरिकों से बातचीत में यह जान चुके हैं। बेतवा में रिवर रॉफ्टिंग भी शुरू की जा रही है।इससे युवा लोग  ज्यादा संख्या में यहां आएंगे।नमस्ते ओरछा महोत्सव के चलते अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए ओरछा को  अनोखे अंदाज में तैयार किया जा रहा है।  महोत्सव में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों की खातिरदारी के लिए भी अनूठे प्रयास किए जा रहे हैं। खास  व्यंजनों का  होटलों में प्रबंध हो रहा है।विशेषतः बुंदेली व्यंजनों के साथ आर्गेनिक खेती से तैयार सब्जियों के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं।ओरछा में  सड़क निर्माण, बेतवा पुल पर रैलिंग जैसे काम गति के साथ चल रहे हैं। चंदपुर वन चौकी से ओरछा तक नौ किलोमीटर सड़क का रिपेयरिंग कार्य हो रहा है।   नगर की अन्य प्रमुख सड़को का  डामरीकरण हो गया है। ब्लेक टॉप से सुंदरता निखर गई है।इसके अलावा बेतवा पुल पर दोनों ओर लोहे की रैलिंग लगाई जा रही है। नगर के ऐतिहासिक गणेश दरवाजे की रिपेयरिंग का काम भी चल रहा है।  नगर के अतिक्रमण  भी हटाये गए हैं। मुख्य मार्ग के दोनों ओर पक्के ड्रेनेज का कार्य किया  जा रहा है । रामराजा का शहर ओरछा सज रहा है सैलानियों के लिए।

* अशोक मनवानी 
उप संचालक,जनसंपर्क ,मप्र शासन

- अशोक मनवानी

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