विश्व कैंसर दिवस

शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि को कैंसर कहते है । कैंसर तब विकसित होता है जब शरीर का सामान्य नियंत्रण तंत्र काम करना बंद कर देता है। पुरानी कोशिकाएं नष्ट नहीं होती और इसके बजाय अनियंत्रित हो जाती हैं, जिससे नई कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता और  असामान्य कोशिकाएं बन जाती हैं। इन असामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिका, घातक कोशिकाएं या ट्यूमर कोशिकाएं कहा जाता है।100 से अधिक प्रकार के कैंसर हैं; जो शरीर के लगभग किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।

इस दिवस को मनाने का प्राथमिक उद्देश्य कैंसर रोगियों की संख्या को कम करना और इसके कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। भारत में पुरुषों और महिलाओं में पांच सबसे ज्यादा जोखिम वाले कैंसर में स्तन, सर्वाइकल, ओरल कैविटी, फेफड़े और कोलोरेक्टल कैंसर हैं। भारत में कैंसर (हृदय रोग के बाद) मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है ।

भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है और भारतीय शहरों में महिलाओं में लगभग एक चौथाई कैंसर होता है । अफसोस की बात है कि भारत में किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत में अधिक महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से मरती हैं । कैंसर के आंकड़ों के अनुसार, देश में अनुमानित 2.25 मिलियन कैंसर कैंसर पीड़ित है, जबकि हर साल 11,57,294 नए कैंसर रोगी जुड़ जाते हैं। अबतक भारत में कैंसर के कारण 7, 84,821 मौतें हुईं है ।

यूनियन फॉर इंटरनेशन कैंसर कंट्रोल (UICC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हर साल कैंसर से 9.6 मिलियन लोग मरते हैं। यह एचआईवी / एड्स, मलेरिया और तपेदिक के संयुक्त जोड़ से भी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुमान ने अनुसार 2030 तक, कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ाकर 13 मिलियन हो जायेगी ।

कैंसर कई अलग-अलग कारकों के कारण हो सकता है और, कई अन्य बीमारियों के रूप में आ सकता है; अधिकांश कैंसर विभिन्न कारकों की संख्या के संपर्क का परिणाम होते हैं। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि, कैंसर के कुछ कारकों में बदलाव नहीं किया जा सकता है, लेकिन लगभग एक तिहाई कैंसर के मामलों में  व्यवहारिक और आहार संबंधी सावधानियों से उसे कम करके रोका जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कैंसर से होने वाली एक तिहाई मौतों के पांच प्रमुख कारणों में व्यवहार और आहार संबंधी जोखिम प्रमुख हैं: बॉडी मास इंडेक्‍स का बढ़ना, फल और सब्जी का कम सेवन करना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू और शराब का उपयोग हैं  । कैंसर की रोकथाम पर संसाधनों से-बीमारी का पहले ही पता लगाकर और उसका सही तरीके से उपचार करके, हम हर साल 3.7 मिलियन जीवन बचा सकते हैं। हाल के वर्षों में, संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने वैश्विक प्रतिबद्धता के लिए तत्काल आवश्यकता को मान्यता दी है। तंबाकू उत्पादों का उपयोग (जैसे सिगरेट पीना) दुनिया भर में कैंसर से जुडी मौतों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण है।

 

- प्रभाकर पुरंदरे

अन्य संपादकीय