भोपाल में गुरु नानक जयंती पर भव्य शोभायात्रा की 40 साल पुरानी परंपरा टूटी

भोपाल में गुरु नानक जयंती पर भव्य शोभायात्रा की 40 साल पुरानी परंपरा टूटी

भोपाल[ महामीडिया]  कोरोना संक्रमण के कारण संत हिरदाराम नगर से निकलने वाली गुरु नानक देव जी की भव्य शोभायात्रा इस बार नहीं निकल सकी। पिछले 40 साल से सुखसागर दरबार से शोभायात्रा निकलती रही है। श्रद्धालुओं के हित में इसे निरस्त कर दिया गया है। सुखसागर दरबार में कार्तिक माह महोत्सव के तहत सोमवार को सुबह 5 बजे से कीर्तन शुरू हुआ। आज देर रात को गुरु नानक देव जी का अवतरण दिवस मनाया जाएगा झूले में झूलते हुए गुरु नानक देव जी अवतरित होंगे।संत हिरदाराम नगर में गुरु नानक जयंती पर शोभायात्रा निकालने की शुरुआत सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक गुरु बाबा गोविंद दास उदासीन ने की थी। बाबा गोविंद दास जी के सानिध्य में सिंध पाकिस्तान में भी गुरु नानक जयंती मनाई जाती थी। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद बाबा रामदास उदासीन जी ने शोभा यात्रा निकालना शुरू किया। इस शोभायात्रा में हजारों लोग शामिल होते रहे हैं। साधकों को इसका इंतजार रहता है। यह पहला मौका है जब गुरु नानक जयंती सादगी से मनाई जा रही है। बाबा रामदास जी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दरबार समिति ने स्वप्रेरणा से शोभा यात्रा निरस्त कर दी। दरबार में अमृत वेला में रोज कीर्तन हो रहा है कार्तिक माह महोत्सव के तहत समापन आज सोमवार को कीर्तन के साथ हुआ।कार्तिक महा महोत्सव के समापन सत्र में कीर्तन करते हुए अखिल भारतीय गृहस्थ साधु समाज के अध्यक्ष बाबा रामदास उदासीन ने कहा कि कार्तिक माह पाप नष्ट करने वाला माह है, इसमें अमृत वेले में उठकर परमात्मा का नाम जाप करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। धीरे-धीरे पाप कट जाते हैं और पुण्य बढ़ने लगते हैं। भगवान विष्णु का सबसे प्रिय माह है कार्तिक। भक्ति भाव और दान करना भगवान विष्णु को प्रिय है सभी मनुष्यों को गरीबों को दान एवं भूखों को भोजन कराना चाहिए। दरबार में सोमवार देर रात को गुरु नानक देव जी का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। झूले में बालक गुरु नानक का चित्र सजाया गया है। देर रात को बाबा रामदास जैसे ही रिमोट का बटन दबाएंगे, आएंगे गुरु नानक देव अवतरित होंगे। इसके बाद अवतरण दिवस की खुशियां मनाई जाएगी मिष्ठान बांटा जाएगा।

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