डिफेंस एक्सपो में मिशन शक्ति का एक मॉडल आर्कषण का केन्द्र बना 

डिफेंस एक्सपो में मिशन शक्ति का एक मॉडल आर्कषण का केन्द्र बना 

लखनऊ  (महामीडिया) भारतीय वैज्ञानिकों ने मिशन शक्ति से अंतरिक्ष में उपग्रह मार गिराने की क्षमता का सफल प्रदर्शन किया। भारत ने सही मायनों में खुद को अंतरिक्ष की एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित कर लिया है। अंतरिक्ष तकनीक से भविष्य में होने वाली लड़ाइयों की काट के रूप में इसे देखा जा रहा है। भारतीय रक्षा और अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों ने दिन रात एक करके इसे विकसित किया है। मिशन शक्ति का एक मॉडल डिफेंस एक्सपो 2020 की प्रदर्शनी में आर्कषण का केन्द्र बना है।
डीआरडीओ के वैज्ञानिक एम साहू ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि अब तक रूस, अमेरिका और चीन के पास ही यह क्षमता थी और इसे हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह तीन माह में बनाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत और सेना की शक्ति को मजबूत बनाने का काम किया गया है।
साहू ने बताया कि मिशन शक्ति एंटी सैटेलाइट है। यह एक त्रिस्तरीय सैटेलाइट है जो 13 किलोमीटर लंबी होती है। अगर इसका लक्ष्य अपना रास्ता भी बदल दे तो भी ये आने वाले दुश्मन को खोज कर नष्ट कर देती है। लियो (लो अर्थ आर्बिट) सैटेलाइट इसके निशाने पर रहती है। यह 1000 किलोमीटर ऊपर और 700 मीटर नीचे जाकर निशाने को नष्ट कर सकती है। 27 मार्च 2019 को इसका पहला सफल टेस्ट हुआ था। साहू ने बताया कि यह प्रति सेकेंड 10 किमी के हिसाब से चलता है। यह तीन चरण में चलता है। इसका वजन 19 टन है। इसको नियंत्रित करने के लिए डाइवर्ट एटीट्यूड कन्ट्रोल सिस्टम का उपयोग करते हैं।

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