दस दिन तक बिना बैग के आएंगे स्कूली बच्चे

दस दिन तक बिना बैग के आएंगे स्कूली बच्चे

नई दिल्ली (महामीडिया) देश की नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत सुझाए गए ‘नो बैग डे’ को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उप-सचिव सुनीता शर्मा ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिव को फाइनल स्कूल पॉलिसी 2020 भेज दी है। पॉलिसी के तहत । यह पॉलिसी देश के सभी स्कूलों में लागू करनी अनिवार्य होगी। हालांकि, पॉलिसी लागू करने से पहले राज्य इस पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।
इन 10 दिनों के ‘नो बैग डे’ के दौरान छठीं से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को वोकेशनल ट्रेनिंग के तहत कारपेंटर, एग्रीकल्चर, गार्डनिंग,लोकल आर्टिस्ट आदि की इंटर्नशिप करवाई जाएगी। साथ ही छठीं से 12वीं के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन छुटिट्यों में वोकेशनल कोर्स करवाएं जा सकते हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स को क्विज और खेलकूद से भी जोड़ना होगा। स्कूल बैग पॉलिसी में स्कूल और पेरेंट्स दोनों की ही अहम जिम्मेदारी तय की गई है। अब पहली से दसवीं तक के स्टूडेंट्स के स्कूल बैग का वजन स्टूडेंट के कुल वजन के दस फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
तय किए गए वजन की जांच के लिए हर स्कूल को बैग का वजन जांचने के लिए डिजिटल मशीन लगानी होगी, जिसमें शिक्षक बैग का वजन जांचेंगे। स्कूल बैग हल्के और दोनों कंधो पर टांगने वाले होने चाहिए, जिससे बच्चे आसानी से इसे उठा सके। साथ ही स्कूलों में ही मिड-डे-मील देना होगा, ताकि बच्चों को लंच न लाना पड़े। वहीं, वाटर बोतल की बजाय स्कूल में ही स्वच्छ पानी की व्यवस्था करनी होगी।
पॉलिसी के तहत लागू नो बैग डे का समय टाइम-टेबल के आधार पर निर्धारित करना होगा, ताकि बच्चे उसी के आधार पर किताबें लाएं। स्पेशल निड वाले स्टूडेंट्स के लिए स्कूल में किताब बैंक बनाना होगा, ताकि उन्हें घर से किताबें न लानी पड़े। इतना ही नहीं पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को क्लासवर्क के लिए एक ही नोटबुक लानी होगी। वहीं, तीसरी से पांचवीं क्लास के बच्चों को दो नोटबुक इस्तेमाल करनी होगी। इसमें से एक वह क्लास में ही छोड़कर जाएंगे।
 

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