केंद्र सरकार गुजरात और  उत्तरप्रदेश के पक्ष में -महाराष्ट्र 

केंद्र सरकार गुजरात और  उत्तरप्रदेश के पक्ष में -महाराष्ट्र 

नईदिल्ली [ महामीडिया]  कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में वैक्सीनेशन एक अहम हथियार बना हुआ है। इस बीच कई राज्य वैक्सीन के स्टॉक की कमी को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं और केंद्र से लगातार वैक्सीन मुहैया कराने की अपील कर रहे हैं। मगर बात अब आरोप-प्रत्यारोप तक जा पहुंची है और टीके को लेकर महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में रार देखने को मिलने लगी है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मोदी सरकार पर वैक्सीन देने में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र जरूरत से कम वैक्सीन की सप्लाई कर रहा है, जबकि आबादी के हिसाब से गुजरात और यूपी जैसे राज्यों को महाराष्ट्र से अधिक वैक्सीन दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के पास बस अब सिर्फ दो दिन की वैक्सीन बची है।किस राज्य को कितनी वैक्सीन दी जा रही है, उस डेटा का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र को अब तक प्रति सप्ताह कोरोना वैक्सीन की मात्र 7.5 लाख खुराकें दी गई हैं। जबकि उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा आदि को महाराष्ट्र से अधिक वैक्सीन दी गई है। बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि गुजरात की आबादी महाराष्ट्र से आधी है। फिर भी गुजरात को अधिक वैक्सीन मिल रही है।उन्होंने आगे कहा कि मुझे अभी तुरंत बताया गया है कि केंद्र ने वैक्सीन की खुराकों की संख्या 7 लाख से बढ़ाकर 17 लाख कर दी है। फिर भी एक सप्ताह में हमें 40 लाख वैक्सीन की खुराक की जरूरत है और इस हिसाब से अभी भी काफी कम है और 17 लाख हमारे लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम हर हफ्ते कम से कम कोरोना वैक्सीन की 40 लाख खुराक चाहते हैं। अन्य देशों को टीके की आपूर्ति करने के बजाय, उन्हें हमारे अपने राज्यों में आपूर्ति करनी चाहिए। केंद्र हमारी मदद कर रहा है मगर उस तरह से मदद नहीं कर रहा है, जैसा होना चाहिए। 

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