शिवराज कैबिनेट में मध्यप्रदेश के सभी पटवारियों को लैपटॉप प्रदाय करने का फैसला 

शिवराज कैबिनेट में मध्यप्रदेश के सभी पटवारियों को लैपटॉप प्रदाय करने का फैसला 

भोपाल (महामीडिया) मध्यप्रदेश शिवराज सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूदी दी। इसे उपचुनाव से पहले सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। कैबिनेट की ब्रीफिंग गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की। सरकार के घोषणा अनुरूप सभी पटवारियों को लैपटॉप प्रदान करने का प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है।  शिवराज कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए अब पटवारी कहीं से भी बैठकर जमीन का नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी आदि कार्य कर सकेंगें। लैपटॉप खरीदने के लिए सरकार हर पटवारी को 50 हज़ार रुपए देगी। प्रस्ताव के अनुसार पटवारियों को लैपटॉप 7 साल के लिए दिए जाएंगे। लैपटॉप का बीमा व अन्य खर्च सरकार वहन करेगी। इस बीच यदि किसी पटवारी का निधन हो जाता है या वह बर्खास्त हो जाता है तो लैपटॉप वापस ले लिया जाएगा।गृहमंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि जो संवैधानिक दर्जा केंद्र सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को दिया है वहीं दर्जा राज्य सरकार देगी। इसमें एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, और तीन सदस्य होंगे।गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कैबिनेट ने कृषक कल्याण योजना को अपनी मंजूरी दे दी है. इस योजना के मंजूर होने के बाद अब किसानों के खाते में 10 हजार रुपए की राशि आएगी। पहले केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि के द्वार प्रदेश के 77 लाख किसानों को 6000 रुपए की राशि मिलती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के तहत प्रदेश सरकार 3000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दो-दो हजार रुपए की किश्त के रूप में किसानों के खाते में डालेगी।
इन प्रस्तावों को दी गई मंजूरी
⦁    कैबिनेट ने मुरैना के जौरा और छतरपुर के बड़ामलहरा में प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय मंजूरी दे दी है। इनके निर्माण से दोनों जिलों के बड़े इलाके में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
⦁    कैबिनेट ने मप्र राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान करने को मंजूरी दे दी है। उन्हें कांग्रेस सरकार के दौरान लंबित 15 महीने के वेतन का भुगतान किया जाएगा।
⦁    प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग का अब संवैधानिक दर्जा होगा।कैबिनेट ने यह महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए आयोग को आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों को भी तलब करने का अधिकार दिया है।
⦁    मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। इस योजना में किसान को हर साल 4 हज़ार रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी।
⦁    प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्रों को सिविल अस्पताल के रूप में उन्नत करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट ने नए अस्पतालों के लिए आवश्यक पदों को भी मंजूरी दे दी है।
⦁    मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के क्रियान्वयन के अनुसमर्थन का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
⦁    गोहद में सिविल अस्पताल बनाने के प्रस्ताव पर मुहर।
⦁    परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों के मासिक वेतन भुगतान के प्रस्ताव का अनुमोदित।
⦁    साईंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट को भूमिगत पाइप लाइन केबल डक्ट बिछाने के लिए अनुज्ञप्ति के प्रस्ताव को मंजूरी।
⦁    आसन बैराज मध्यम सिंचाई परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव।
⦁    राजस्व विभाग में कंप्यूटराइजेशन के लिए अब प्रदेश के 17 हजार पटवारियों को लैपटॉप दिया जाएगा, इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उन्नयन और स्थापना के लेकर प्रदेश के करीब एक दर्जन स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत गोहद जिला भिंड, बरेली, गैरतगंज, बदनावर, सुसनेर, आगर मालवा, इछावर, सिलवानी, बेगमगंज, रायसेन के सांची में स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जाएगा। 

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