सरकार के प्रस्‍ताव को किसान नेताओं ने ठुकराया

सरकार के प्रस्‍ताव को किसान नेताओं ने ठुकराया

नई दिल्ली (महामीडिया) तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 55वां दिन है। किसानों के इस शांत आंदोलन की ‘ताकत’ भी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड की परवाह किए बिना हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से किसानों के जत्थे रसद के साथ लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इस बीच आज दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में किसानों और केंद्र सरकार के बीच 10वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर अस्थाई रोक का प्रस्ताव दिया, जिस पर किसान नेता राजी नहीं हुए। सरकार ने आंदोलन खत्‍म करने की अपील की।    
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक कमेटी के गठन का प्रस्‍ताव दिया, जिसमें सरकार और किसान के सदस्य होंगे। समिति क्‍लाज वाइज कानूनों पर चर्चा करेगी, जबकि अदालत ने 2 महीने के लिए खेत कानूनों पर रोक लगा दी है। अगर जरूरत हुई और परामर्श जारी रहा, तो सरकार कानून के कार्यान्वयन पर एक साल तक रोक लगा सकती है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक कानून बनाना होगा और तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करना होगा। हमारा विरोध सरकार और कॉर्पोरेट सिस्टम के खिलाफ है। 

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