महाकाल मंदिर में मकर संक्रांति का उत्साह

महाकाल मंदिर में मकर संक्रांति का उत्साह

उज्जैन (महामीडिया)  धर्मधानी उज्जयिनी में सूर्य के उत्तरायन होने का पर्व मकर संक्रांति उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राजाधिराज महाकाल के आंगन में सबसे पहले त्योहार मना। तड़के 4 बजे भस्मारती में पुजारी भगवान महाकाल को तिल से स्नान कराया और लड्डुओं का भोग लगाया। इससे पहले बुधवार शाम गर्भगृह और नंदीहॉल को पतंगों से सजाया गया। संक्रांति पर नगरवासी शिप्रा-नर्मदा के जल में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य भी कर रहे हैं।
महाकाल मंदिर की परंपरा अनुसार मकर संक्रांति पर तड़के भस्मारती में भगवान महाकाल को तिल से स्नान कराया गया। पश्चात नवीन वस्त्र व आभूषण से आकर्षक श्रृंगार हुआ। भगवान को भस्म रमाने के बाद तिल के लड्डुओं का भोग लगाकर आरती हुई। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में मकर संक्रांति पर पतंग सज्जा की गई है।
सुबह 6 बजे भगवान श्रीकृष्ण, बलराम व सुदामाजी को तिल युक्त जल से स्नान कराया गया। पश्चात गुड़ तिल के लड्डुओं का भोग लगाकर आरती की गई। इधर सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में मकर संक्रांति विशेष है। मंदिर के गर्भगृह को रंगबिरंगी पतंगों से सजाया गया। राधा-रुक्मिणी संग पतंग उड़ाते गोपालजी की झांकी आकर्षण का केंद्र है।
 

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