जल्द बनेगा 32 साल से लंबित ओंकारेश्वर अभयारण्य

जल्द बनेगा 32 साल से लंबित ओंकारेश्वर अभयारण्य

भोपाल [महामीडिया ]नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और आदिम जाति कल्याण विभाग की सहमति के बगैर ओंकारेश्वर अभयारण्य के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। वन विभाग ने प्रस्ताव सीएम समन्वय को भेजने की तैयारी कर ली है। विभाग 614.07 वर्ग किमी क्षेत्र को शामिल कर अभयारण्य बना रहा है। इसमें से नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की नहरों के लिए जमीन छोड़ दी गई है। 32 साल बाद बनाए जा रहे अभयारण्य में दूसरे संरक्षित और गैर संरक्षित क्षेत्रों से पकड़कर वन्यप्राणी छोड़े जाएंगे।नर्मदा नदी पर इंदिरा सागर परियोजना की मंजूरी के साथ ही वर्ष 1987 से ओंकारेश्वर अभयारण्य का गठन लंबित है। इसे लेकर 11 साल से कागजी कार्यवाही चल रही है, लेकिन किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहे थे। वनमंत्री उमंग सिंघार ने इसका प्रस्ताव फिर से तैयार कराया है।इस प्रस्ताव में अभयारण्य का क्षेत्र 614.07 वर्ग किमी रखा गया है। इसमें खंडवा जिले का 345.592 वर्ग किमी क्षेत्र भी शामिल किया है। जबकि इंदिरा सागर बांध से भविष्य में निकलने वाली नहरों के लिए भूमि छोड़ी गई है।

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