मप्र के देवी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान शुरू

मप्र के देवी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान शुरू

भोपाल (महामीडिया) नवरात्र के पहले दिन आज से मध्य प्रदेश के देवी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान शुरू हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार मंदिरों में माता के दर्शन के लिए भक्तों को गाइडलाइन का पालन करना होगा, लेकिन इससे नवरात्र को लेकर उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। मध्य प्रदेश में उज्जैन के हरसिद्धी माता मंदिर, मैहर की मां शारदा माता मंदिर और नलखेड़ा का मां बगुलामुखी मंदिर सहित कई बड़े देवी मंदिर हैं, जिनमें भक्तों की अटूट आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्र के पहले दिन से ही भक्त माता के दर्शनों को सुबह से पहुंचने लगे हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन में साधक तंत्र, मंत्र, यंत्र की सिद्धि के लिए शक्तिपीठ मंदिरों में गुप्त साधना करते हैं। आराधक भी देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए नौ दिन शक्तिपीठ हरसिद्धि, गढ़कालिका, भूखी माता, चौबीस खंबा सहित अन्य देवी मंदिरों में दर्शन पूजन करेंगे। कई स्थानों पर सार्वजनिक पंडाल में दुर्गा मां की मूर्तियों की विधि-विधान से स्थापना होगी।
शक्ति पीठ मैहर की मां शारदा देवी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। यहां माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी गई है।
नलखेड़ा स्थित मां बगुलामुखी माता मंदिर सिद्ध पीठ है, नवरात्र में यहां प्रतिदिन माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। नवरात्र में यहां हवन-अनुष्ठान के लिए देश-विदेश से तांत्रिक और श्रद्धालु यहां बड़ी संख्या में आते हैं।
इंदौर के बिजासन माता मंदिर में भक्तों को तीन-तीन की कतार में माता के दर्शन कराए जा रहे हैं। मुख्य मंदिर के बाहर बने चढ़ाव पर श्रद्धालुओं को सैनिटाइज करने की व्यवस्था है। इसके बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है, इसके साथ ही यहां चलायमान दर्शन की व्यवस्था की गई है।
देवास में माता टेकरी पर नवरात्र के पहले दिन मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा मंदिर में घटस्थापना की जाएगी। मां तुलजा भवानी को हाल में ही बनाए गए चांदी के सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा।
 

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