मप्र की अदालतों में कामकाज शुरू  http://www.mahamediaonline.com

मप्र की अदालतों में कामकाज शुरू 

भोपाल (महामीडिया) मध्यप्रदेश में सोमवार से कोर्ट में काम शुरू हो गया। कुछ वकील अपनी पहचान के लिए मास्क पर ही एडवोकेट का साइन बनवाकर पहुंचे। एशिया की इस सबसे बड़ी जिला अदालत में सिर्फ एक ही थर्मल स्क्रीनिंग मशीन से लोगों के शरीर का तापमान जांच का जिम्मा कोर्ट स्टाफ को दिया गया था। थर्मल स्क्रीनिंग मशीन सिर्फ एक घंटे बाद ही खराब हो गई। दोपहर 1 बजे तक मशीन ठीक नहीं हो पाई थी। इसके साथ पक्षकारों के आने पर प्रतिबंध और वकीलों के लिए बैठने की जगह नहीं होने से कोई काम शुरू नहीं हो सका।
अदालत के मैन गेट के दाएं तरफ सीजेएम कोर्ट के बाहर तीन अलग-अलग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम लगाए गए हैं। ऐसे 10 वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सिस्टम अदालत में कामकाज शुरू कर देंगे। कुटुंब न्यायालय में मामलों की सुनवाई के लिए भी वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम कोर्ट रूम के बाहर लगाया गया है।
काम तो शुरू हो गया, लेकिन वकीलों को उनके बैठने की जगह पर जाने पर फिलहाल रोक लगाई गई है। अदालत के हाल नंबर-1 व 2 और दीपक हॉल में और गलियारों में वकील बैठते हैं। उन तक पहुंचने के दो मैन रास्ते बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते वकीलों को सीजेएम कोर्ट के पीछे लगी लिफ़्ट के सामने बनी सीड़ी से होकर बेसमेंट में जाना पड़ रहा है। 
इसी बीच जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा के आदेश के चलते भोपाल कोर्ट में 4 जुलाई तक लगने वाले सभी मामलों की सुनवाई की अगली तारीख बढ़ा दी गई है। अदालत ने पक्षकारों के प्रवेश पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। इसके चलते पक्षकार अदालत नहीं पहुंचे। अब 27 जून से 4 जुलाई तक लगने वाले सभी मामलों की सुनवाई की अगली तारीख के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे साफ है कि 4 जुलाई तक अदालतों में कामकाज नहीं होगा। 
 

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