एक अनार रोज खांए बीमारियों से रहेंगे दूर

एक अनार रोज खांए बीमारियों से रहेंगे दूर

भोपाल [महामीडिया] हफ्ते में दो से तीन बार अनार का जूस पिएं। आपको सफेद बालों से लेकर कमजोर हड्डियों और झुर्रियों तक की शिकायत को दूर रखने में खासी मदद मिलेगी। ब्रिटेन स्थित एक  हालिया अध्ययन तो कुछ यही दावा करता है।शोधकर्ताओं के मुताबिक अनार में ‘यूरोलिथिन-ए’ नाम का एक यौगिक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह कोशिकाओं के बूढ़े होते या मृत पड़ चुके ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ को रिसाइकिल करने में अहम भूमिका निभाता है। ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ किसी भी कोशिका का ऊर्जा केंद्र कहलाता है। उम्र ढलने के साथ इसकी कार्यक्षमता में गिरावट आने लगती है। कुछ मामलों में यह जहर में भी तब्दील हो सकता है।मुख्य शोधकर्ता  ने दावा किया कि ‘यूरोलिथिन-ए’ एकमात्र ऐसा ज्ञात यौगिक है, जो ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ को रिसाइकिल करने की क्षमता रखता है। ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ के हमेशा सक्रिय और ऊर्जावान बने रहने से हड्डी-मांसपेशियों में क्षरण, बाल पकने, आंखों की रोशनी घटने और त्वचा पर झुर्रियां पड़ने सहित बुढ़ापे से जुड़े तमाम लक्षण लंबे समय तक आसपास नहीं फटकते। विटामिन ए, सी और ई की मौजूदगी भी अनार को लंबी उम्र की सौगात देने में सक्षम बनाती है।निब्स और उनके साथियों ने सी-एलिगन नस्ल के केंचुए पर ‘यूरोलिथिन-ए’ का असर आंका। यह केंचुआ जन्म के आठ से दस दिन के भीतर ही बूढ़ा होने लगता है। उन्होंने दस केंचुओं को लगातार एक हफ्ते तक ‘यूरोलिथिन-ए’ की खुराक दी। इससे उनकी उम्र औसतन 45 फीसदी तक बढ़ गई। ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ की कार्यक्षमता में सुधार से मांसपेशियों का सक्रिय बने रहना इसकी मुख्य वजह था। अध्ययन के नतीजे ‘लाइफ एक्सटेंशन जर्नल’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।अनार अपने ट्यूमर-रोधी गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह फ्री-रैडिकल को कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने से रोकता है। विभिन्न अध्ययनों में इसे कोशिकाओं में सूजन और जलन की समस्या दूर रखने में खासा असरदार पाया गया है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन में तो स्तन, प्रोस्टेट, आंत और फेफड़ों के कैंसर का खतरा घटाने के लिए नियमित रूप से अनार का सेवन करने की सलाह तक दी गई है।
 

सम्बंधित ख़बरें