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संतरा खाने के फायदे

भोपाल (महामीडिया)  संतरा एक नारंगी फल होता है। अम्लीय ,एसिड अवयव और ऑक्सीडेंट कीटाणुनाशक गुणों के कारण ये कई बीमारियों को ठीक कर देता है। नारंगी, नींबू और उच्च कैल्शियम सामग्री के कीनू, संतरा आदि खट्टे फल हमारे रक्त और हड्डियों के लिए आवशयक तत्व बनाते है। संतरे में उच्च स्तर का साइट्रिक एसिड, मैग्नीशियम, फास्फोरस और आयरन होता है।
संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ्रुक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है।
संतरे को हाथ से छीलने के बाद इसकी फांकों को अलग कर के चूसकर खाया जा सकता है। संतरे का रस निकालकर पीया जा सकता है। संतरा ठंडा, तन और मन को प्रसन्नता देने वाला है। उपवास और सभी रोगों में संतरा खाया जा सकता है। जिनकी पाचन शक्ति खराब हो, उनको संतरे का रस गुनगुने पानी में मिलाकर देना चाहिये।
एक व्यक्ति को एक बार में एक या दो संतरे लेना पर्याप्त है। एक व्यक्ति को जितने विटामिन ‘सी’ की आवश्यकता होती है, वह एक संतरा प्रतिदिन खाते रहने से पूरी हो जाती है। खांसी-जुकाम होने पर संतरे के रस का एक गिलास नित्य पीते रहने से लाभ होगा। स्वाद के लिये नमक या मिश्री डालकर पी सकते है।
1. संतरे का रस कोलेस्ट्रॉल में सुधार करता है। 
2. संतरे का रस हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। 
3. संतरे का रस (ब्लैककरुरेंट रस के साथ मिश्रित) करके पीने से सूजन कम कर देता है। 
4. संतरे का रस वजन घटाने में मदद करता है। 
5. संतरे का रस गुर्दा पथरी को ठीक कर सकता है। 
6. संतरे का रस एक्स्ट्रेक्ट प्रोस्टेट प्रसार को दबा देता है।
7. संतरे का एक गिलास रस तन-मन को शीतलता प्रदान कर थकान एवं तनाव दूर करता है, हृदय तथा मस्तिष्क को नई शक्ति व ताजगी से भर देता है। 8. पेचिश की शिकायत होने पर संतरे के रस में बकरी का दूध मिलाकर लेने से काफी फायदा मिलता है। 9. संतरे का नियमित सेवन करने से बवासीर की बीमारी में लाभ मिलता है। रक्तस्राव को रोकने की इसमें अद्भुत क्षमता है।
10. तेज बुखार में संतरे के रस का सेवन करने से तापमान कम हो जाता है। इसमें उपस्थित साइट्रिक अम्ल मूत्र रोगों और गुर्दा रोगों को दूर करता है। 11. दिल के मरीज को संतरे का रस शहद मिलाकर देने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है। 12. संतरे के सेवन से दाँतों और मसूड़ों के रोग भी दूर होते हैं।
13. छोटे बच्चों के लिए तो संतरे का रस अमृततुल्य है। उन्हें स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट बनाने के लिए दूध में चौथाई भाग मीठे संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह एक आदर्श टॉनिक का काम करता है। 
14. जब बच्चों के दाँत निकलते हैं, तब उन्हें उल्टी होती है और हरे-पीले दस्त लगते हैं। उस समय संतरे का रस देने से उनकी बेचैनी दूर होती है तथा पाचन शक्ति भी बढ़ जाती है।
15. पेट में गैस, अपच, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, गठिया, बेरी-बेरी रोग में भी संतरे का सेवन बहुत कुछ लाभकारी होता है। 16. गर्भवती महिलाओं तथा यकृत रोग से ग्रसित महिलाओं के लिए संतरे का रस बहुत लाभकारी होता है। इसके सेवन से जहाँ प्रसव के समय होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है, प्रसव पीड़ा कम होती है, बच्चा स्वस्थ पैदा होता है।
 

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