इम्यूनिटी बूस्टर के साथ रक्तशोधक गिलोय की पूरे देश में जबरदस्त मॉँग

इम्यूनिटी बूस्टर के साथ रक्तशोधक गिलोय की पूरे देश में जबरदस्त मॉँग

भोपाल [ महामीडिया ]कोरोना वायरस से लड़ाई में इम्यूनिटी बूस्टर गिलोय रस की इन दिनों जबरदस्त मांग है। दुकानों पर इसकी एडवांस बुकिंग हो रही है। लॉकडाउन से पहले गोरखपुर में हर महीने विभिन्न ब्रांड की करीब 25 हजार बॉटल की बिक्री होती थी, जो अब बढ़कर एक लाख बॉटल तक पहुंच गई है। मांग नहीं पूरा होने पर टेबलेट और जड़ी बूटी की दुकानों से गिलोय की लकड़ी की बिक्री हो रही है। आयुष मंत्रालय ने गिलोय को कोरोना से लड़ाई में कारगार बताया है। जिसके बाद न सिर्फ संक्रमित बल्कि इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर सेहतमंद लोग भी इसका सेवन कर रहे हैं। आयुर्वेद, दवा की दुकानों के साथ ही किराना दुकानों पर भी गिलोय रस की मांग बढ़ गई है। दवा की दुकान चलाने वाले का कहना है कि बुकिंग से आठ से दस दिन बाद गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी आदि की आपूर्ति हो रही है। जितनी मांग कर रहे हैं, उसका आधा भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। लोगों की सहूलियत के लिए एडवांस बुकिंग करा ले रहे हैं। असुरन पर दवा विक्रेता का कहना है कि लोग एक साथ पांच से दस बॉटल की डिमांड कर रहे हैं। किसी को एक से अधिक बॉटल नहीं दे रहे हैं। मजबूरी में एडवांस बुकिंग करनी पड़ रही है। एक ब्रांडेड कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर बताते हैं कि सामान्य दिनों में महीने भर में 25 हजार बॉटल की भी बिक्री नहीं होती थी, अब एक लाख बॉटल भी कम पड़ रहा है। दुकानदार जिस दिन आर्डर लगा रहे हैं, उसके 10 से 12 दिन बाद आपूर्ति संभव हो रही है। गिलोय रस की मांग पूरी नहीं होता देख लोग गिलोय के टेबलेट को तरजीह दे रहे हैं। महीने में एक लाख शीशी की खपत हो जा रही है।लॉकडाउन से पहले जड़ी-बूटी की दुकानों पर गिलोय की लकड़ी 40 से 50 रुपये किलो की दर से बिक रही थी। इसके थोक विक्रेता का कहना है कि आम दिनों में एक कुंतल गिलोय भी नहीं बिकती थी, वर्तमान में 8 से 10 कुंतल तक बिक्री हो जा रही है। मांग को देखते हुए गिलोय की कीमतें 100 से 120 रुपये तक पहुंच गई हैं। हरिद्धार और देहरादून से आने वाले गिलोय की आपूर्ति पूर्वांचल के सभी जिलों में हो रही है।गिलोय को गुरुच अथवा जीवंतिका नाम से जाना जाता है। इस औषधीय पौधे (लता) का वानस्पतिक नाम टीनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया है। औषधीय गुणों वाला गिलोय प्रकृति में बहुतायत में पाया जाता है। यह इम्यूनिटी बूस्टर तो है ही रक्त को भी शुद्ध करता है। यकृत तथा यूरिनरी ट्रैक की बीमारियों से लड़ने में यह मदद करता है। इसकी पत्तियों के सेवन से बुखार को ठीक करने में भी मदद मिलती है।

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