मोटापे के शिकार लोगों के लिए जानलेवा कोरोना

मोटापे के शिकार लोगों के लिए जानलेवा कोरोना

नई दिल्ली (महामीडिया) दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है. पूरे विश्व में अभी तक 24,062,636 करोड़ लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं जबकि 823,540 लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना वायरस को लेकर लगातार शोध हो रहे हैं और उसके बाद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वहीं अब एक रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर कोई मोटापे के शिकार व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाए तो सामान्य व्यक्ति की तुलना में इस वायरस से मोटापे के शिकार व्यक्ति कि मौत की संभावना 50 फीसदी अधिक होगी। इतना ही नहीं शोध में दावा किया गया है कि मोटापे के शिकार लोगों पर वैक्सीन भी कम प्रभावी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि फ्लू का टीका भी 30 से अधिक बीएमआई वाले लोगों पर सही से काम नहीं करता ।
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय (यूएनसी), सऊदी हेल्थ काउंसिल और विश्व बैंक के साझा शोध में यह चौंकाने वाली बाते सामने आई हैं। शोध के अनुसार, मोटापा के कारण कोविड -19 के मरने का जोखिम लगभग 50% बढ़ा जाता है। इस शोध को करने वाले प्रमुख शोधकर्ता ने इसे  "डरावना" बताते हुए कहा है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए जोखिम काफी अधिक है, जो सोचा गया था उससे भी अधिक माना जा रहा है कि इस शोध के आने के बाद सरकारों पर मोटापे से निपटने के लिए दबाव बढ़ेगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना द्वारा चैपल हिल में किए गए अध्ययन में सामने आया, 30 से अधिक बीएमआई वाले व्यक्तियों जिन्हें मोट की श्रेणी में रखा गया, वो कोरोना वायरस के कारण अधिक जोखिम में हैं। अगर किसी मरीज को कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है तो वहां पर उसकी जान जाने की संभावना 113% तक बढ़ जाती है, जबकि 74% तक गहन देखभाल की आवश्यकता होती है, वायरस से मरने की संभावना 48% तक बढ़ जाती है। यूएनसी के गिलिंग्स ग्लोबल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पोषण विभाग के प्रो बैरी पॉपकिन ने अध्ययन का नेतृत्व किया, उन्होंने कहा कि वह निष्कर्षों से हैरान थे। मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए कोविड -19 के मरने का जोखिम किसी ने जितना सोचा था, उससे कहीं अधिक था।
 

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