कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती हैं गिलोय और गुग्गुल

कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती हैं गिलोय और गुग्गुल

भोपाल (महामीडिया) इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रही है। ऐसे में सभी लोगों से स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। आयुर्वेद में गिलोय और गुग्गुल को महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है। इनका सेवन करने से कई खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है। गिलोय से इम्युनिटी मजबूत करने के साथ-साथ डायबिटीज और ब्लड प्रेशर सहित कई बीमारियों से निजात मिल सकती है। वहीं, गुग्गुल भी कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है। इसका सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। छाले और घाव में भी असरदार होता है। आइये जानते हैं कि गिलोय और गुग्गुल क्या हैं और इनके क्या फायदे होते हैं।
क्या है गिलोय?
गिलोय एक कभी न सुखने वाला पौधा है। इसका तना रस्सी की तरह होता है इसके पत्ते पान के आकार के होते हैं। इसके साथ ही इसमें पीले और हरे रंग के फूल गुच्छे में निकलते हैं। कहा जाता है कि नीम में चढ़ी गिलोय सबसे अच्छी होती है। क्योंकि गिलोय एक ऐसा पौधा है जिस पेड़ में इसकी लता फैलती है वह उसके भी गुण ले लेता है। 
गिलोय में मौजूद तत्व
गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन एवं टीनोस्पोरिक एसिड के अलावा  कैल्शियम मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक आदि पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी- इफ्लेमेटरी पाया जाता है। 
क्या है गुग्गुल?
गुग्गुल या गुग्गल एक वृक्ष है। भारत में इस जाति के दो प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं। कुछ स्थानों से प्राप्त गुग्गुल का रंग पीलापन लिए श्वेत अथवा अन्य का गहरा लाल होता है। इसकी महक मीठी होती है। आयुर्वेद के अनुसार, ये कफ, बात, कास, कृमि, क्लेद, शोथ और अर्थ नाशक है। इसके पत्ते छोटे और एकान्तर सरल होते हैं। ये सिर्फ बारिश के सीजन में बड़ा होता है और इसी समय इस पर पत्ते दिखाई देते हैं। गर्मी और सर्दी में ये पर्णहीन हो जाता है। 
कहां पाया जाता है गुग्गुल का पौधा?
ये कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों में उगता है। गुग्गुल के तने को काटने से एक गोंद जैसा पदार्थ निकलता है। ये ठंडा होने के बाद ठोस हो जाता है। इसमें विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट जैसे कई घटक होते हैं। 
गिलोय के फायदे
डायबिटीज के मरीज
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है तो रोजाना गिलोय या फिर गिलोय जूस का सेवन करें। इसमें पाया जाने वाला हाइपोग्लाईकैमिक ब्लड शगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। 
अर्थराइटिस
जोड़ों में दर्द की समस्या, अर्थराइटिस आदि में गिलोय का सेवन फायदेमंद है। गिलोय में एंटी इंफ्लेट्री और एंटीआर्थराइटिक गुण पाए जाते हैं जो इस रोग से निजात दिलाते हैं। 
इम्युनिटी बढ़ाएं
गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो इम्यूनिटी बूस्ट कर सकते हैं। इसलिए रोजाना गिलोय, तुलसी, लहसुन, अश्वगंधा और हल्दी का काढ़ा पीना चाहिए। 
तनाव से दिलाएं निजात
गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर से टॉक्सिन को निकालने में मदद करते हैं। जिससे आपका दिमाग शांत रहता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। 
टीबी रोग
गिलोय के औषधिय गुण टीबी रोग को भी आसानी से सही कर सकते हैं। इसके लिए अश्वगंधा, गिलोय, शतावर, दशमूल, बलामूल, अडूसा, पोहकरमूल और अतीस को बराबर भाग में लेकर इसका काढ़ा बनाएं। इस काढ़ा को सुबह और शाम पिएं।
बवासीर का इलाज
गिलोय बवासीर के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसके लिए गिलोय, हरड़ और धनिया के पत्ते को बराबर मात्रा में लेकर पानी में उबाल लें। जब थोड़ा सा पानी बच जाएं को इसे छानकर पी लें। दिन में कम से कम 2 बार इसका सेवन करें। आप चाहे को इस काढ़ा के साथ गुड़ खा सकते हैं। 
पाचन को रखें फिट
अगर आपको हमेशा पाचन तंत्र की समस्या रहती है तो गिलोय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए गिलोय, अतिविषा और अदरक का काढ़ा बनाकर पिएं। 
अस्थमा में फायदेमंद
जिन लोगों को अस्थमा की समस्या हैं उनके लिए भी गिलोय काफी फायदेमंद है। इसके लिए रोजाना इसके पत्ते या जड़ का सेवन करें। 
आंखों की बढ़ाएं रोशनी
आंखों में चश्मा लगा है तो आपके गिलोय मदद कर सकता है।  इसके लिए 10 मिली गिलोय के रस में 1-1 ग्राम शहद और सेंधा नमक मिलाकर खूब अच्छी तरह से पीस लें। इसे आंखों में काजल की तरह लगाएं। इससे अंधेरा, चुभन, और काला तथा सफेद मोतियाबिंद रोग  से मुक्ति मिल जाएगी। 
मोटापे को करें कंट्रोल
गिलोय मोटापे को भी दूर कर सकता है। इसके लिए गिलोय और त्रिफला चूर्ण को सुबह और शाम शहद के साथ लें या फिर गिलोय, हरड़, बहेड़ा, और आंवला मिला कर काढ़ा बनाकर इसमें शिलाजीत मिलाकर पकाएं और सेवन करें। इस का नियमित सेवन करने से मोटापा कंट्रोल हो जाएगा।
पीलिया से भी दिलाएं निजात
पीलिया रोग में गिलोय का सेवन काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच पाउडर, काली मिर्च और त्रिफला का एक चम्मच पाउडर और शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है या फिर इसके पत्तों को पीसकर इसका रस निकाल लें। इसके बाद इसें एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह के समय पिएं। इससे आपको पीलिया से निजात मिल जाएगा।
उल्टी से दिलाएं निजात
कई लोगो को गर्मियों में उल्टी की समस्या होना आम बात होती है। अगर आपको यह समस्या है तो गिलोय के रस में मिश्री या शहद मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें। इससे आपके शरीर में ठंडक पहुचेंगी जिससे आपको उल्टी आना बंद हो जाएगा।
जानिए गुग्गुल के फायदे
- ये आंखों के लिए फायदेमंद होता है। 
- अगर आप खट्टी डकार के परेशान हैं या फिर एसिडिटी हो होती है तो गुग्गुल का सेवन करें।
- बवासीर की समस्या दूर करने के लिए गुग्गुल, लहसुन, हींग और सोंठ को पानी के साथ पीसकर गोली बनाएं। सुबह-शाम एक-एक गोली खाने से लाभ मिलेगा।
- वजन कम करने के लिए गुग्गुल का सेवन करें। 
- गुग्गुल स्किन के लिए भी फायदेमंद है। 
- गंजापन एक ऐसी समस्या है, जोकि वात-पित्त और कफ दोष के बिगड़ने की वजह से होती है। इसलिए गुग्गुल का सेवन करें, गंजेपन से छुटकारा मिलेगा। 
- फ्रैक्चर हो जाने पर हड्डियों में कमजोरी महसूस हो रही है तो गुग्गुल का सेवन करें। 
 

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