ठंड से कैसे बचायें बच्चों को

ठंड से कैसे बचायें बच्चों को

भोपाल (महामीडिया) बारिश के बाद मौसम बदलने के साथ ही अब ठण्ड का अहसास होने लगा है। मौसम में आने वाले इस बदलाव को महसूस करके सभी लोग ठंड से बचने के सभी प्रयास करना शुरू कर देते हैं। लेक‍िन नवजात श‍िशु की समस्‍या बढ़ने लगती है। क्‍योंकि दूधमुंहे बच्‍चें चाहकर भी अपनी पीड़ा किसी को बता नहीं सकते हैं। मौसम की ठंड और हवा से बचाने के लिए शिशु को सही तरह से ढकना या कपड़े पहनाना जरूरी होता है। 
सिर को ढकना है जरूरी
नवजात शिशु के सिर को हर समय ढककर रखना चाहिए। इसका कारण यह है कि सिर का तापमान अगर कम होता है, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। इसलिए बच्चे को ठंड से बचाने के लिए टोपी पहनाएं या सिर को किसी कपड़े से ढककर रखें। यह भी ध्यान रखें कि शिशु की टोपी ज्‍यादा टाइट न हो और मुलायम कपड़े की हो।
तलवों से भी लग सकती है ठंड
हमारे शरीर का तापमान कंट्रोल करने में तलवे बड़े महत्वपूर्ण होते हैं। नन्हे शिशु भले ही सारे समय बिस्तर पर लेटे रहते हैं और जमीन पर पैर नहीं रखते हैं, फिर भी उन्हें तलवों से ठंड लग सकती है। इसलिए शिशु को मोजा पहनाना या पैरों की तरफ कपड़ा लपेटना जरूरी है। मोजा पहनाने से शिशु के तलवों के साथ-साथ पूरे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
नाक को गर्म रखें
नाक एक महत्वपूर्ण अंग है। ज्यादातर जर्म्स, बैक्टीरिया और हानिकारक धुंआ आदि शिशु के नाक के रास्ते ही उसके शरीर में प्रवेश करते हैं। इसलिए शिशु के नाक की सुरक्षा करनी भी जरूरी है। मगर इसके लिए आपको शिशु की नाक को ढकना नहीं है, क्योंकि बहुत महीन कपड़ा भी उसको सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकता है। इसके बजाय यह करें कि शिशु की नाक को बीच-बीच में गर्म हाथों से सिंकाई करें या गर्म तेल से मसाज करें। कोशिश करें कि कमरे का तापमान बहुत कम न हो।
हाथों से ठंड
ठंड के मौसम में शिशु को कई बार हाथों से भी ठंड लग जाती है। इसलिए शिशु को हाथों में मुलायम दस्ताने पहनाएं और पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। लेकिन ध्यान रखें कि रात में सुलाते समय शिशु के शरीर को (मुंह नहीं) कंबल से ढकें, तब दस्ताने न पहनाएं, अन्यथा शिशु की नींद प्रभावित हो सकती है।
शरीर को गर्म रखने के लिए मसाज करें
शिशु के शरीर को गर्म रखने के लिए तेल की मसाज बहुत फायदेमंद होती है। ठंडे मौसम में शिशु की मसाज के लिए सरसों का तेल बेस्ट होता है। अगर आपके शिशु को हल्की जुकाम या सर्दी लगने के लक्षण हैं तो आप सरसों के तेल में ही अजवायन और कटे हुए लहसुन के टुकड़े गर्म करके उस तेल से मालिश करें। दिन में कम से कम 1 बार मालिश करना जरूरी है। लेकिन इसके लिए बहुत सुबह या बहुत रात का समय न चुनें। सबसे अच्छा समय है कि आप धूप में शिशु को लेकर उसके सारे कपड़े उतारकर मालिश करें, ताकि उसे ठंड भी न लगे और शरीर की मालिश भी हो जाए।

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