दुनिया में फिर सिर उठा रहा है खसरा-डब्‍ल्‍यूएचओ 

दुनिया में फिर सिर उठा रहा है खसरा-डब्‍ल्‍यूएचओ 

नईदिल्ली  [महामीडिया] दो दशकों में एक बार फिर खसरा पूरी दुनिया में सिर उठाता नजर आ रहा है। ये बात विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और अमेरिकी विभाग की एक साझा रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2019 में इसकी वजह से दो लाख लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट के मुताबिक दो दशक से कुछ ज्‍यादा समय में इस बीमारी के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसके रिकॉर्ड तोड़ मामलों की वजह से इस पर मिली सफलता पर पानी फिरता नजर आ रहा है। डब्‍ल्‍यूएचओ और सीडीसी की रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि बीते दस वर्षों के दौरान इसके टीकाकरण में जो रुकावट आई है उसकी वजह से इसके मामलों में तेजी देखने को मिली है।आपको बता दें कि वर्ष 2016 में इस बीमारी से होने वाली मौतों में जबरदस्‍त गिरावट देखने को मिली थी। वहीं यदि 2019 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें करीब पचास फीसद की तेजी दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बढ़ते मामले किसी एक देश या किसी एक क्षेत्र में ही दर्ज नहीं किए गए हैं बल्कि ये लगभग हर देश में रिपोर्ट हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में इसके साढ़े आठ लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। संगठन की तरफ से कहा गया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से पूरी दुनिया में विभिन्‍न बीमारियों को रोकने के मकसद से जो नियमित टीकाकरण किया जाता है उसमें रुकावट आई है। इसकी वजह से कुछ बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन इसको लेकर पहले भी कई बार अपनी चिंताएं अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर व्‍यक्‍त कर चुका है।डब्‍ल्‍यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 की वजह से टीकाकरण में जो रुकावट आई है उसकी वजह से 26 देशों के करीब 9 करोड़ से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका है। कुछ ऐसे भी देश हैं जहां खसरा एक बार फिर से सिर उठाता दिखाई दे रहा है। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, जॉर्जिया, समोआ, यूक्रेन, कांगो, मैडागास्कर, उत्तर मैसेडोनिया सहित अन्य देशों में बड़ी संख्या में ख़सरा के मामले सामने आए हैं। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर खसरा और कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं हहै। उन्‍होंने ये भी कहा है कि इस वैश्विक महामारी की वजह से दूसरी बीमारियों से लड़ने की राह में अड़चनें पैदा हुई हैं जो एक चिंता की बात है। लेकिन हमें लोगों को हर हाल में बचाना होगा। आपको बता दें कि खसरे की बीमारी का इलाज है। लेकिन इस पर सफलता तभी मिल सकती है जब करीब 95 फीसद बच्‍चों को इसकी दो खुराकें नियमित तौर पर दी जा सकें। ऐसा न होने पर इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। विश्व भर में MCV1 की कवरेज में बीते दस वर्षों में रूकावट आई है और अब यह 84-85 फीसद तक सीमित है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में वर्ष 2000 से अब तक खसरा टीकाकरण से ढाई करोड़ से अधिक जीवन को बचाया गया है। इसके बावजूद वैक्‍सीन का दायरा कम होने से हर वर्ष इसके कवच से बाहर रहने वाले बच्‍चों की संख्‍या बढ़ रही है। जिनेवा में प्रेस कांफ्रेंस में उन्‍होने कहा कि इसके कवरेज में कुछ खामियां हैं। इन खामियों की वजह से इसको रोकपाने में रुकावट आ रही है। ऐसे में एक समय वो आता है जब बीमारी तेजी से फैलने लगती है। 2019 में सामने आए अधिकतर मामले इन्‍हीं खामियों का नतीजा हैं। उनके मुताबिक वैक्‍सीन की पर्याप्‍त कवरेज न होने की वजह से इसमें तेजी आई जो हमारी पूर्व में मिली सफलता को खराब कर रही है। उनका कहना है कि वैक्‍सीन की 80 फीसद कवरेज के बाद इसका फैलाव अधिक दिखाई देता है। पूरी दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुविधाएं काफी खराब हैं। वहीं कुछ देशों में लोग इसक वैक्‍सीन को लेकर पीछे भी हट रहे हैं।

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