हिसार में ‘गधी के दूध’ से कोरोना का इलाज

हिसार में ‘गधी के दूध’ से कोरोना का इलाज

हिसार (महामीडिया) आपने अभी तक गाय, भैंस, बकरी या ऊंट के दूध का सेवन किया है या सुना होगा, लेकिन देश में पहली बार गधी के दूध की भी डेयरी खुलने वाली है और सबसे अच्छी बात तो यह है कि गधी का दूध शरीर का इम्यून सिस्टम ठीक करने में भी काफी अहम भूमिका निभाता है। देश में पहली बार राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) हिसार में हलारी नस्ल की गधी के दूध की डेयरी शुरू होने जा रही है। इसके लिए एनआरसीई ने 10 हलारी नस्ल की गधियों को पहले ही मंगा लिया था. जिनकी मौजूदा समय में ब्रीडिग की जा रही है।
सात हजार रुपए लीटर बिकेगा दूधब्रीडिग के बाद ही डेयरी का काम जल्द शुरु कर दिया जाएगा। गुजरात की हलारी नस्ल की गधी का दूध औषधियों का खजाना माना जाता है। यह बाजार में दो हजार से लेकर सात हजार रुपये लीटर तक में बिकता है। इससे कैंसर, मोटापा, एलर्जी जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। इससे ब्यूटी प्रोडक्ट भी बनाए जाते हैं, जो काफी महंगे होते हैं। डेयरी शुरू करने के लिए एनआरसीई हिसार के केंद्र्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र व करनाल के नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्ट्रीट््‌यूट के विज्ञानियों की मदद भी ली जा रही है।

साभार- नई दुनिया

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