प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने से कोरोना वैक्सीन का प्रभाव कम होगा

प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने से कोरोना वैक्सीन का प्रभाव कम होगा

भोपाल  [ महामीडिया ]विशेषज्ञों का कहना है कि में महामारी की वैक्सीन के आने के बाद भी कुछ हद तक संक्रमण का खतरा बना रहेगा। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने से टीके का प्रभाव भी कम होने के आसार हैं। इसलिए दोबारा संक्रमण से बचने के लिए अन्य बचावात्मक उपाय जारी रखने होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर में समुदायों के बीच कोविड-19 के तेजी से प्रसार और दूसरी लहर आने से बिना लक्षण वाले लोगों की संक्रमण फैलाने में संभावित भूमिका का संकेत मिलता है।, बिना लक्षण वाले संक्रमितों की, कोराना वायरस संक्रमण को फैलाने में संभावित भूमिका को लेकर ठोस प्रमाण मिलने के बाद मास्क के इस्तेमाल को जारी रखने और अन्य उपायों को जारी रखने की पैरवी की जा सकती है। एक संपादकीय में कहा गया कि लंबे समय तक प्रतिरक्षा तंत्र के मौजूद नहीं रहने से टीके के कारगर सिद्ध होने पर भी असर पड़ेगा। टीके का असली असर तब पता चलेगा जब आगामी महीनों में अलग-अलग आबादी पर इसका इस्तेमाल होगा। वर्तमान में महामारी की रोकथाम में टीके को आखिरी उपाय माना जा रहा है।नए अध्ययन से पता चलता है कि दोबारा संक्रमण हो सकता है। वायरस के फिर से सक्रिय होने या दोबारा संक्रमण और महामारी के संदर्भ में उसके महत्व को लेकर पुष्टि की प्रतीक्षा है। सीरो सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर कुछ ही अध्ययन हुए हैं लेकिन इससे ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया।
 

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