महामीडिया न्यूज सर्विस
ज्यादा पका हुआ केला स्वास्थ्य के लिए होता है बहुत अच्छा

ज्यादा पका हुआ केला स्वास्थ्य के लिए होता है बहुत अच्छा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 199 दिन 2 घंटे पूर्व
04/04/2018
भोपाल  (महामीडिया) पका हुआ केला सभी को अच्छा लगता है, लेकिन जब अधिक दिनों तक वह रखा रहे, तो उसका छिलका गहरा भूरा या काला होने लगता है। यह जरूरत से ज्यादा पका हुआ केला होता है।अधिकतर लोग सोचते हैं कि यह खराब हो गया है और इसे फेंक देते हैं। मगर, वास्तविकता यह है कि ऐसे केले स्वास्थ्य के लिहाज के बहुत अच्छे होते हैं। 
यह कोशिकाओं की क्षति को रोकता है- ज्यादा पके हुए केले में एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा काफी अधिक होती है। इसकी वजह से यह शरीर में कोशिका की क्षति को रोकने या उनकी क्षति होने की दर को धीमा करती है। लिहाजा, बीमारियों का जोखिम को कम होता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर बनाती है।
आसानी से पच जाता है- इनमें केलों का स्टार्ची कार्बोहाइड्रेट बदलकर फ्री शुगर हो जाता है, जिससे ये आसानी से पच जाते हैं। दूसरी ओर हरे केलों में स्टार्च अधिक होता है, जिससे उसे पचाने में मुश्किल होती है।
कैंसर से लड़ने में कारगर-जब एक केला पकने लगता है, तो उसके छिकले का रंग कुछ गहरा हो जाता है। छिलके पर काले धब्बे ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर  नाम का एक पदार्थ है, जो कैंसर और असामान्य कोशिकाओं को खत्म करता है। इससे कैंसर होने की आशंका कम होती है और यह कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करता है।
सीने में जलन से राहत देता है- यह एंटैसिड के रूप में काम करता है। केला पेट की दीवारों को हानिकारक एसिड और जलन से बचाती है। लिहाजा सीने की जलन कम होती है।
कोलेस्ट्रॉल को ठीक रखता है- ज्यादा पके केले में पोटाशियम काफी अधिक मात्रा में होता है। इससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर ठीक रहता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट के लिए अच्छा होता है और हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। आयरन और कॉपर की मौजूदगी से खून व हीमोग्लोबिन का स्तर सही रहता है।


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