महामीडिया न्यूज सर्विस
कामगारों के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्यॉरिटी योजना लागू करेगी मोदी सरकार

कामगारों के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्यॉरिटी योजना लागू करेगी मोदी सरकार

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 116 दिन 12 घंटे पूर्व
23/04/2018
नई दिल्ली (महामीडिया) प्रधानमंत्री कार्यालय ने 50 करोड़ से ज्यादा कामगारों के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्यॉरिटी से जुड़े लेबर मिनिस्ट्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके दायरे में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले कामगार भी आएंगे। मिनिस्ट्री अगले आम चुनाव से पहले इस स्कीम को लागू कर लेना चाहती है। इसके तहत पेंशन (डेथ व डिसएबिलिटी दोनों) और मैटरनिटी कवरेज के साथ ऑप्शनल मेडिकल, बीमारी और बेरोजगारी कवरेज भी दिया जाएगा। वित्त और श्रम मंत्रालय इस योजना की डिटेल्स पर काम करेंगे। देश की टोटल वर्कफोर्स के निचले 40 पर्सेंट हिस्से के लिए इस स्कीम को पूरी तरह लागू के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। वर्कफोर्स के बाकी 60 पर्सेंट हिस्से को इस स्कीम के लिए अपनी जेब से या तो पूरा या कुछ पैसा देना होगा। योजना यह है कि यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी स्कीम को 10 साल में तीन चरणों में लागू किया जाए। सरकार को उम्मीद है कि उसके बाद इसे यूनिवर्सल किया जा सकेगा। पहले चरण में सभी वर्कर्स को मामूली कवरेज दिया जाएगा, जिसमें हेल्थ सिक्योरिटी और रिटायरमेंट बेनेफिट्स होंगे। दूसरे चरण में अनएंप्लॉयमेंट बेनेफिट्स जोड़े जाएंगे। तीसरे चरण में दूसरी कल्याणकारी योजनाओं को शुरू किया जा सकता है। 50 करोड़ लाभार्थियों को चार स्तरों में बांटा जाएगा। पहले स्तर में गरीबी रेखा से नीचे के लोग होंगे, जो सिक्योरिटी पेमेंट्स नहीं कर सकते। ऐसे लोगों से जुड़ी लागत केंद्र सरकार इन लोगों की भलाई के लिए वसूले जाने वाले टैक्स से करेगी। कुछ योगदान कर सकने वाले असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स को दूसरे स्तर में सब्सिडाइज्ड स्कीमों के तहत कवर किया जाएगा। तीसरे स्तर में वे लोग होंगे, जो खुद या अपने एंप्लॉयर्स के साथ मिलकर पर्याप्त कंट्रीब्यूशन कर सकते हों। चौथे स्तर में अपेक्षाकृत खाते-पीते वर्कर्स को रखा जाएगा, जो खुद अंशदान कर सकते हों। 
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