महामीडिया न्यूज सर्विस
"मेरा गांव मेरा देश" वाले याद आये विनोद खन्ना

"मेरा गांव मेरा देश" वाले याद आये विनोद खन्ना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 595 दिन 11 घंटे पूर्व
27/04/2018
मुंबई (महामीडिया) विनोद खन्ना की पुण्यतिथि आज है। पिछले वर्ष 27 अप्रैल को ही उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था। विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 पेशावर में हुआ। विनोद खन्ना पांच भाई बहनों में से एक थे। आज़ादी के समय हुए देश के विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान से मुंबई आकर बस गया। विनोद खन्ना के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फ़िल्मों में जाए। लेकिन, बेटे की ज़िद पर उन्होंने दो साल का समय विनोद को दिया। हीरो के रूप में स्थापित होने के पहले विनोद ने 'आन मिलो सजना', 'पूरब और पश्चिम', 'सच्चा झूठा' जैसी फ़िल्मों में सहायक अभिनेता या खलनायक के रूप में काम किया। गुलजार द्वारा निर्देशित 'मेरे अपने' (1971) से विनोद खन्ना को काफी चर्चा मिली और एक तरह से उनका समय शुरू हो गया। 'मेरा गांव मेरा देश' फिल्म में उनका विलेन का किरदार देखने लायक था। अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। 'हेराफेरी', 'खून पसीना', 'अमर अकबर एंथनी', 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फ़िल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुईं। कामयाबी मिलने के बाद 1982 में विनोद खन्ना का फ़िल्मों से मोहभंग हो गया और वो अचानक अपने आध्यात्मिक गुरु ओशो की शरण में चले गए और ग्लैमर की दुनिया को उन्होंने अलविदा कह दिया। विनोद के अचानक इस तरह से चले जाने के कारण उनकी पत्नी गीतांजली नाराज़ हुई और दोनों के बीच तलाक हो गया। विनोद खन्ना अभिनेता होने के अलावा, फ़िल्म निर्माता और सक्रिय राजनेता भी रहे हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे और कई चुनाव जीत चुके थे। 1999 में विनोद खन्ना को उनके इंडस्ट्री में योगदान के लिए फ़िल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाज़ा गया था। इसी साल उन्हें मरणोपरांत दादा साहब फाल्के अवार्ड दिया गया है।
और ख़बरें >

समाचार