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बंद होने के कगार पर है एशिया का पहला रेशम संस्थान

बंद होने के कगार पर है एशिया का पहला रेशम संस्थान

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 141 दिन 14 घंटे पूर्व
03/05/2018
भागलपुर  (महामीडिया) 1923 में नाथनगर में स्थापित एशिया का पहला रेशम संस्थान बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। संसाधन और शिक्षकों की कमी के कारण अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने इसे मान्यता नहीं दी। लिहाजा वर्ष 1991 से यहां चार वर्षीय बीटेक इन सिल्क एंड टेक्सटाइल की पढ़ाई के लिए नामांकन बंद है। शिक्षाविद रामजी सिंह ने बीटेक की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए 1998 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद उद्योग विभाग ने कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया था। बावजूद इसके बीटेक की पढ़ाई दोबारा शुरू नहीं कराई जा सकी। बाद में इंटरस्तरीय वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई शुरू कराकर लीपापोती की कोशिश की गई। नाथनगर स्थित सिल्क इंस्टीच्यूट एशिया का पहला संस्थान है जहां सिल्क के डिग्री कोर्स की पढ़ाई होती थी। यहां से पासआउट छात्र बीआइटी मेसरा, पटियाला जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। जिला उद्योग महाप्रबंधक के पद से लेकर वस्त्र मंत्रालय के विभिन्न विभागों में भी यहां के छात्र नौकरी कर रहे हैं। यहां के छात्र संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं फिर भी सरकार संसाधन विकसित करने के प्रति उदासीन बनी हुई है।
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