महामीडिया न्यूज सर्विस
आधार क़ानून धन विधेयक नहीं है -सुप्रीम कोर्ट

आधार क़ानून धन विधेयक नहीं है -सुप्रीम कोर्ट

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 103 दिन 4 घंटे पूर्व
03/05/2018
नई दिल्ली (महामीडिया) सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सरकार की इस दलील से सहमत नहीं है कि आधार कानून को लोकसभा अध्यक्ष ने धन विधेयक बताने का सही निर्णय किया क्योंकि यह सब्सिडी के लक्षित वितरण से जुड़ा है जिसके लिए धन भारत की संचित निधि से आता है.प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा , न्यायमूर्ति ए के सीकरी, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की संविधान पीठ ने आधार अधिनियम की धारा 57 का उल्लेख किया जो कहती है राज्य या कोई निगम या व्यक्तिआधार संख्या का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने में कर सकता है. पीठ ने कहा, समस्या आधार अधिनियम की धारा 57 के संबंध में पैदा होती है. धारा 57 का संबंध धारा सात और सब्सिडी, लाभ और सेवाओं के लक्षित वितरण से टूट जाता है.पीठ ने कहा कि किसी निगम या व्यक्ति को आधार का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने की अनुमति देना भारत की संचित निधि से संबंध को खत्म कर देता है. पीठ ने संकेत दिया कि आधार कानून को धन विधेयक नहीं कहा जा सकता है.

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