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महर्षि जी जैसा ना कोई कर सका है और ना कोई कर सकेगा- ब्रह्मचारी गिरीश

महर्षि जी जैसा ना कोई कर सका है और ना कोई कर सकेगा- ब्रह्मचारी गिरीश

admin | पोस्ट किया गया 157 दिन 17 घंटे पूर्व
15/05/2018
भोपाल (महामीडिया) "जीवन संघर्ष नहीं बल्कि आनंद है इसके प्रचार-प्रसार को जिस विश्व गुरू महर्षि महेश योगी ने प्रत्येक शहर, अनेक देश जाकर संदेश दिया इसके लिए उन्होंने प्रतिदिन 20 घंटे शोध, अनुसंधान मार्गदर्शन दिया। लंबी-लंबी 72 से अधिक देशों की विदेश यात्रायें कीं। इसके बावजूद आज तक न तो कोई अन्य व्यक्ति उसे ठुकरा सका और न आगे ठुकरा सकेगा" उक्त विचार आज महर्षि सेंटर फाॅर एजूकेशनल एक्सीलेंस परिसर लांबाखेडा, भोपाल में महर्षि विद्या मंदिर समूह के चेयरमैन ब्रह्मचारी गिरीश जी ने व्यक्त किये।
महर्षि वैदिक जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज से लेकर 24 मई तक किया जा रहा है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों के 125 से अधिक छात्र-छात्रायें एवं शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि एक छोटे से गांव पाडुका में महर्षि महेश योगी का जन्म छत्तीसगढ़ के सानिध्य में हुआ था। महर्षि जी को स्कूली शिक्षा के लिए सात किलोमीटर दूर चलकर जाना पड़ता था। वह ग्यारहवीं से आगे का अध्ययन करने के लिए प्रतिदिन 22 किलोमीटर साईकिल चलाकर जाते थे। ब्रह्मचारी गिरीश जी ने महर्षि जी के संघर्षों को बताते हुए बच्चों से उनके जीवन से सीख लेने का आव्हान किया।
इस अवसर पर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. भुवनेश शर्मा, श्री व्ही.आर. खरे, निदेशक संचार एवं जनसंपर्क और श्री नारायण दत्त तिवारी एवं आयोजन समिति के श्री नीतिश परमार सहित विभिन्न प्रदेशों से आये हुये शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
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