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माँ गंगा के प्रति अपार श्रद्धा का पर्व 'गंगा दशहरा' आज

माँ गंगा के प्रति अपार श्रद्धा का पर्व 'गंगा दशहरा' आज

admin | पोस्ट किया गया 542 दिन 7 घंटे पूर्व
22/05/2018
भोपाल (महामीडिया) हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व गंगा दशहरा देवी गंगा को समर्पित एक पर्व है जिसे ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। गंगा दशहरा को गंगावतारण् भी कहा जाता है। गंगा दशहरा आज है। माँ गंगा का नाम लेने, सुनने, उसे देखने, उसका जल ग्रहण करने, छूने और उसमें स्नान करने से मनुष्य के जन्मों-जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। 'गम् गम् गच्छति इति गंगा' अर्थात गम गम स्वर करती बहती है गंगा। 'गंगा तव दर्शनात मुक्ति:' अर्थात गंगा का दर्शन मात्र ही मोक्ष देने वाला है। इस वर्ष इसकी महिमा इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि पुरुषोत्तम माह भी चल रहा है। हिन्दू पुराणों के अनुसार, ऋषि भागीरथ के पूर्वजों की अस्तियों को विसर्जित करने के लिए उन्हें बहते हुए निर्मल जल की आवश्यकता थी। जिसके लिए उन्होंने माँ गंगा की कड़ी तपस्या की जिससे माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हो सके। परन्तु माँ गंगा का भाव तेज होने के कारण वह उनकी इस इच्छा को पूर्ण नहीं कर पाई। परन्तु उन्होंने कहा की अगर भगवान शिव मुझे अपनी जटाओं में समा कर पृथ्वी पर मेरी धारा प्रवाह कर दें तो यह संभव हो सकता है। उसके पश्चात् उन्होंने माँ गंगा के कहे अनुसार शिव जी की तपस्या की और उनसे गंगा को अपनी जटाओं में समाहित करने के लिए प्रार्थना की। जिसके बाद गंगा माँ ब्रह्मा जी के कमंडल में समा गयी और फिर ब्रह्मा जी ने शिव जी की जटाओं में गंगा को प्रवाहित कर दिया। जिसके बाद शिव ने गंगा की एक छोटी सी धारा पृथ्वी की ओर प्रवाहित कर दी। जिसके बाद भागीरथ ने अपने पूर्वजों की अस्थियों को विसर्जित कर उन्हें मुक्ति दिलाई। जिस दिन माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी उस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी। तभी से इस दिन को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाने लगा। माना जाता है माँ गंगा अपने साथ पृथ्वी पर संपन्नता और शुद्धता लेकर आई थी। तब से आज तक गंगा पृथ्वी पर मौजूद है। महाभारत में लिखा है कि रोज गंगाजल पीने वाले मनुष्य के पुण्य की गणना नहीं हो सकती। हमारे घरों में गंगाजल हमेशा रखा रहता है, जिसका उपयोग पूजा आदि कामों के लिए होता है। गंगा दशहरे के दिन गंगा में स्नान का बहुत खास महत्व माना जाता है। जो व्यक्ति गंगा दशहरे के दिन गंगा में स्नान करता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते है और वह रोग मुक्त हो जाता है। इसके साथ-साथ गंगा दशहरा के दिन दान पुण्य आदि करना भी शुभ माना जाता है।
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