महामीडिया न्यूज सर्विस
सुनहरी यादों को संजोती फिल्म 'बायोस्कोपवाला'

सुनहरी यादों को संजोती फिल्म 'बायोस्कोपवाला'

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 476 दिन 14 घंटे पूर्व
01/06/2018
भोपाल (महामीडिया) फिल्म 'बायोस्कोपवाला' गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की विश्व प्रसिद्ध कहानी 'काबुलीवाला' पर आधारित है। इंसान अपनी जिंदगी में कहीं भी पहुंच जाए लेकिन बचपन की यादें उसे हमेशा अच्छा एहसास कराती हैं। इस फिल्म मे डैनी डेन्जोंगपा बायोस्कोपवाला का किरदार निभाया है। फिल्म में एक लड़की की पुरानी यादें संजोती कहानी दिखाई गई है। जिसके घर रोजाना एक बाईस्कोप वाला आता रहता था। 
एक दुर्घटना में उस लड़की के पिता की मृत्यु के पश्चात उस लड़की को पता लगता है कि यह रहमत (डैनी डेन्जोंगपा) और कोई नहीं, बल्कि वह उसके बचपन में उनके घर आने वाला बायोस्कोपवाला ही है, जिसकी सुनहरी यादें अभी भी उसके जेहन में ताजा हैं। और तो और एक बार तो रहमत ने अपनी जान पर खेलकर मिनी की जान भी बचाई थी। दरअसल, वह मिनी में अपनी पांच साल की बेटी की झलक देखता था, जिसे कि वह मुश्किल दिनों में अफगानिस्तान छोड़ आया था। रहमत के रूप में अचानक अपने बचपन की यादों का पिटारा खुल जाने से उत्साहित मिनी कोलकाता में तमाम लोगों से मिलकर उसके जेल जाने से की सच्चाई का पता लगाती है और उसके खोए परिवार को तलाशने अफगानिस्तान भी जाती है। डैनी डेन्जोंगपा ने बेहतरीन ऐक्टिंग से दिखा दिया है कि उनमें अभी काफी दम बाकी है। देब मधेकर की यह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म है। आजकल फिल्मों की भागदौड़ में राहत देने वाला लीक से हटकर सिनेमा देखना चाहते हैं, तो बायोस्कोपवाला आपके लिए ही बनी है। 

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