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सौम्य और सशक्त अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वाली अभिनेत्री 'नूतन'

सौम्य और सशक्त अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वाली अभिनेत्री 'नूतन'

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 473 दिन 9 घंटे पूर्व
04/06/2018
मुंबई (महामीडिया) रुपहले पर्दे पर अपनी सौम्य और सशक्त अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वाली एवं सादगी और शानदार अभिनय की मिसाल रही नूतन का आज जन्मदिन है। नूतन का जन्म 4 जून 1936 को मुंबई में हुआ था। नूतन एक ऐसे परिवार से आईं थीं जहां का माहौल फिल्मी था। उनके पिता कुमारसेन समर्थ एक जाने-माने निर्देशक और कवि थे। नूतन की मां शोभना समर्थ अपने समय की मशहूर अभिनेत्री थीं। ब्लैक एंड व्हाईट फ़िल्मों के दौर में भी उन्होंने अपने अभिनय से बड़े पर्दे पर कई प्रकार के रंग भरे हैं। 14 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां के निर्देशन में बनी फ़िल्म हमारी बेटी से शुरूआत की थी। नूतन को पहला बड़ा ब्रेक 1955 में आई फ़िल्म सीमा में मिला। इस फ़िल्म के लिए उन्हें पहला फ़िल्मफेयर अवार्ड भी मिला। इसके बाद उनकी कई फ़िल्में पेईंग गेस्ट, अनाड़ी, सुजाता आदि सफलता के परचम पर पहुंची। साल 1963 में आई फ़िल्म बंदिनी नूतन के कैरियर में एक मील की पत्थर की तरह है। छलिया, देवी, सरस्वतीचंद्र, मैं तुलसी तेरे आंगन की, सौदागर जैसी 70 से ज्यादा फ़िल्में करने वाली नूतन अपार कामयाबी पाने के बावजूद सादगी की एक मिसाल रही हैं। बेस्ट एक्ट्रेस का फ़िल्मफेयर अवार्ड जीत कर नूतन ने साबित कर दिया था कि वो अपनी दौर की टॉप की अभिनेत्री रहीं हैं। साल 1959 में नेवी के लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से शादी कर ली। साल 1986 में आई फ़िल्म कर्मा भी बॉलीवुड में नूतन की एक यादगार फ़िल्मों में से है। वो एक संपूर्ण अदाकारा थीं! नूतन को 1974 में भारत सरकार ने देश के चौथे सबसे बड़े सम्मान पद्म श्री से भी सम्मानित किया था। 1991 में 54 साल की उम्र में नूतन का निधन हो गया था। जिंदगी के आखिरी सालों में वे ब्रेस्ट कैंसर से लड़ रही थीं। नूतन के अभिनय को हिन्दी फ़िल्म उद्योग के सभी बडे नामों ने सराहा है और वह आज भी बहुत सी अदाकाराओं का आदर्श बनी हुई हैं।
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