महामीडिया न्यूज सर्विस
चेतना की व्यापकता से अजेयता के कवच की प्राप्ति: ब्रह्मचारी गिरीश जी

चेतना की व्यापकता से अजेयता के कवच की प्राप्ति: ब्रह्मचारी गिरीश जी

admin | पोस्ट किया गया 185 दिन 3 घंटे पूर्व
13/06/2018
भोपाल (महामीडिया) "हमारे बहुत वरिष्ठ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में आते हैं। इनमें से कई प्राचार्य पद तक पहुंच चुके हैं। हमें और अधिक प्रसन्नता तब हुई जब ज्ञात हुआ कि एक प्राचार्या स्वयं हमारे विद्यालय की छात्रा रह चुकी हैं। इससे प्रतीत होता है कि नई पीढ़ी नेतृत्व के लिये सामने आ रही है। महर्षि जी ने महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह की स्थापना वर्ष 1990 में कर जो पौधा 28 वर्ष पूर्व लगाया था आज वह पुष्पित एवं पल्लवित हो रहा है। प्रशिक्षण में प्रत्येक बार हम नई बात सीखते हैं एवं लिखते हैं उन्हें समय मिलने पर कम से कम दो बार अवश्य दोहराना चाहिये ताकि ये सब बातें सदैव हमारी चेतना में सुरक्षित रहें। योग में स्थित होकर कर्म करो की व्यवहारिक प्रौद्योगिकी पूरे विश्व को परम पूज्य महर्षि जी ने दी है। भावातीत ध्यान की नित्य नियमित साधना से प्राप्त किया जा सकता है। यह एक पूर्ण विधा है जिसका परिणाम होता है - "एक ही साधे सब सधे" अर्थात एक कार्य को यदि साध लिया गया तो बाकी अपने आप सब सध जाते हैं।"
"ऐसा करने से हमारे चारों ओर ऐसा व्यापक सुरक्षा कवच निर्मित हो जाता है जिससे कोई भी नकारात्मता समाज को प्रभावित नहीं कर सकती है तथा तब संपूर्ण समाज और फिर पूरे राष्ट्र को चेतना की व्यापकता से अजेयता के कवच की प्राप्ति हो जाती है।" उपरोक्त उद्गार परम पूज्य महर्षि जी के तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के आठ दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर शिक्षकों तथा विद्वानों को सम्बोधित करते हुये कही।
उन्होंने आगे कहा कि "जो इस प्रशिक्षण में आये हैं उनका कर्तव्य है कि वे अपने ज्ञान को और अधिक परिमार्जित करें, इसे पूर्णता की ओर बढा़ते रहें। यही स्तुति योग्य कर्म है। परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी द्वारा प्रदत्त ज्ञान का हम स्वयं सदैव उपयोग करें, इसकी साधना नित्य प्रतिदिन करें। साथ ही वर्तमान और अगली पीढ़ी को हम इस अद्वितीय ज्ञान से अवगत कराते रहंे तभी नई पीढ़ी संस्कारवान होगी, विद्वान होगी और नया नेतृत्व तैयार होगा।"  
उन्होंने यह घोषणा की कि "महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय से उत्तीर्ण विद्यार्थी यदि महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय से वैदिक विज्ञान में पी.एच.डी. तक की शिक्षा प्राप्त करते हैं तो उन्हें महर्षि शिक्षा संस्थान समुचित एवं आकर्षक वेतनमान पर सेवा में नियुक्त करेगा।" ब्रह्मचारी गिरीश जी ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की जो कि गुरूदेव के आशीर्वाद से अवश्य पूर्ण होगी।
इस अवसर पर महर्षि शिक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. प्रकाश जोशी ने सभी से अनुरोध किया कि "चूंकि ज्ञान की प्यास और उसे पाने की लालसा अनंत है, अतः इसकी पूर्णता की ओर बढ़ते रहें, यही स्तुति योग्य कर्म है।" प्रशिक्षण के संचालक श्री एम. एस. सोलंकी ने पूर्ण कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय रूद्रपुर के प्राचार्य श्री श्रीकांत पाठक एवं जबलपुर व एम.सी.ई.ई. भोपाल की प्राचार्या श्रीमती ममता भट्टाचार्य तथा श्रीमती रेखा निमकर भी उपस्थित थीं।
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