महामीडिया न्यूज सर्विस
एमिटी विश्वविद्यालय पर 15000 का जुरमाना

एमिटी विश्वविद्यालय पर 15000 का जुरमाना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 262 दिन 8 घंटे पूर्व
30/06/2018
नई दिल्ली   (महामीडिया)  जिला उपभोक्ता फोरम ने एमिटी विश्वविद्यालय को एक छात्र की फीस की बकाया धनराशि को हर्जाना सहित वापस लौटाने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय को 30 दिन के अंदर 9 फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज के साथ 96,500 रुपए लौटाने होंगे।नोएडा सैक्टर-56 निवासी शुभम टंडन ने जिला उपभोक्ता फोरम में एमिटी विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल कर फोरम को बताया कि 9 जुलाई, 2013 को उन्होंने विश्वविद्यालय में 5 साल के बी.आर्क. कोर्स में दाखिला लेने के लिए आवेदन किया था। पहली किस्त के रूप में 1,16,500 रुपए का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट से किया था। विश्वविद्यालय ने भुगतान की रसीद भी दी थी। कुछ दिन बाद ही कक्षाएं शुरू होनी थीं लेकिन वह बीमार हो गया। इसकी सूचना संस्थान को नहीं दे सका, जिसके चलते 31 जुलाई, 2013 को संस्थान ने उनका प्रवेश निरस्त कर दिया।जानकारी मिलने पर शुभम ने संस्थान में संपर्क किया लेकिन संस्थान ने प्रवेश देने से इंकार कर दिया। इसके बाद शुभम ने फीस वापसी के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर विश्वविद्यालय ने मात्र 20,000 रुपए वापस किए। शुभम ने पूरी फीस वापस पाने के लिए कई बार संस्थान को पत्र लिखा लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके बाद उसने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया।सुनवाई के बाद फोरम ने इसे सेवा में कमी का मामला माना और एमिटी विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि वह 30 दिन के अंदर बकाया फीस 96,500 रुपए 9 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित परिवादी को लौटाए। इसके अलावा फोरम ने हर्जाने के रूप में 5000 और वाद व्यय के 10,000 रुपए भी देने का आदेश दिया। 

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