महामीडिया न्यूज सर्विस
19 साल बाद सावन में अद्भुत संयोग

19 साल बाद सावन में अद्भुत संयोग

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 393 दिन 15 घंटे पूर्व
25/07/2018
ओंकारेश्वर (महामीडिया)  इस साल श्रावण मास शनिवार को श्रवण नक्षत्र  में आरंभ हो रहा है। शनि इस संवत्सर का मंत्री और भगवान शंकर के गण भी हैं। चंद्रमा भगवान शंकर को अति प्रिय है और मानसिक शांति देने वाला है। इसलिए श्रावण मास शुभ रहेगा। श्रावण पूरे तीस दिन का है और पूर्णिमा की गणना के अनुसार चार सोमवार रहेंगे।संक्रांति की गणना के अनुसार श्रावण माह सोलह जुलाई से आरंभ हो चुका है। यानि पहला सोमवार बीत चुका है। उत्तराखंड, नेपाल और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में लोग संक्रांति की गणना को मानते हैं। उनके अनुसार यह अटारी योग है। इस तरह पांच सोमवार होंगे। लेकिन श्रावण में चार ही सोमवार रहेंगे। संक्रांति की गणना के अनुसार इस वर्ष श्रावण के महीने में रोटक व्रत लग रहा है। जिस साल यह पांच सोमवार होते हैं उसी साल यह व्रत लगता है।इस साल श्रावण के पहले सोमवार को 5-30 जुलाई को सौभाग्य योग बन रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र है और द्विपुष्कर योग का भी संयोग बन रहा है। इस लिए यह माह अतिशुभ फलदायी रहेगा।इस वर्ष श्रावण माह का श्रवण नक्षत्र में और शनिवार के दिन से आरंभ होना शिव भक्तों के लिए लाभकारी रहेगा। माह में चार ही सोमवार रहेंगे। मगर धनिष्ठा नक्षत्र है और द्विपुष्कर योग एक अद्भुत संयोग है। यह उन्नीस वर्ष बाद बन रहा है।28 जुलाई से श्रावण माह शुरू, 30 जुलाई को पहला श्रावण सोमवार, 6 अगस्त को दूसरा सोमवार,11 अगस्त को हरियाली अमावस्या,  13 अगस्त को तीसरा सोमवार एवं हरियाली तीज,20 अगस्त को चौथा सोमवार, 26 अगस्त को पूर्णिमा। पिछले साल सावन 29 दिन का हुआ था।

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