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शाह के बयान पर हंगामे के बाद संसद की कार्यवाही स्थगित

शाह के बयान पर हंगामे के बाद संसद की कार्यवाही स्थगित

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 104 दिन 12 घंटे पूर्व
31/07/2018
नई दिल्ली (महामीडिया)                 असम में एनआरसी द्वारा नागरिकता ड्राफ्ट जारी किए जाने के बाद 40 लाख लोगों को नागरिकता नहीं मिल पाई है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह ड्राफ्ट है और इसे अंतिम लिस्टा ना माना जाए। लेकिन दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद में उठाया है और मांग की है कि उन 40 लाख लोगों के साथ न्याय किया जाए।इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पक्ष रखा तो उनके बयान पर राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए स्पीकर के करीब आ गए जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।इससे पहले सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए शाह ने कहा कि असम में एनआरसी असम समझौते का परिणाम है जो 1985 में पूर्व पीएम राजीव गांधी ने किया था। उनका इतना साहस नहीं था कि इसे लागू कर पाते और महने कर दिया। इसका विरोध करने वाले किसे बचाना चाहता है।वहीं इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नागरिकता साबित करने के लिए एक व्यक्ति के साथ सरकार भी सामने आए। नागरिकता साबित करने के लिए उन्हें कई सबूत देने हैं, सरकार लोगों को कानून मदद दे। अगर व्यक्ति 16 में से एक भी सबूत देता है तो उसे नागरिक माना जाना चाहिए। इसे वोट की राजनीति का विषय ना बनाते हुए राज्य और केंद्र सरकार मानवाधिकार का विषय मानें।

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