महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्य प्रदेश के कामधेनु अभयारण्य प्रोजेक्ट की पोल खुली

मध्य प्रदेश के कामधेनु अभयारण्य प्रोजेक्ट की पोल खुली

admin | पोस्ट किया गया 106 दिन 23 घंटे पूर्व
01/08/2018
भोपाल(महामीडिया) मध्‍य प्रदेश में देश के पहले कामधेनु गाय अभयारण्य प्रोजेक्ट के तहत अब वहां गायों को शरण देनी की जगह नहीं है. यहां अब नई गायों को नहीं रखा जा रहा है, कारण बजट का अभाव सामने आ रहा है. गायों के लिए अपने द्वार खोले जाने के बाद शुरुआती दिनों में ही कामधेनु गौ अभ्‍यारण्‍य ने गायों की प्रविष्टि पर रोक लगा दी थी. उद्घाटन के लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी अब तक गौ अभयारण्य में अपनी पूरी क्षमता तक की गायों को नहीं रखा जा रहा है, जिसके चलते अकेले आगर मालवा जिले में ही हजारों गौवंश सड़कों पर घूमते देखे जा सकते हैं. 24 दिसंबर 2012 को मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के सलारिया गांव में देश के पहले गौ अभ्यारण्य का  भूमि पूजन हुआ था. 472 हेक्टेयर जमीन पर बनने वाले इस अभ्यारण्य में गायों की हिफाजत, उनको छत नसीब होगी और उनके स्वास्थ्य के साथ ही खानपान का भी ध्यान रखा जाएगा. साल 2016 में इसका काम पूरा हुआ और सितम्बर 2017 में इसकी विधिवत शुरुआत भी हो गई, लेकिन इसके संचालन का जो ढर्रा है वो कई तरह के सवाल खड़े करता है. अभ्यारण्य में 24 शेड बनाये गए हैं और हर एक शेड की क्षमता 240 गायों को रखने की है. इसी जगह पर एक रिसर्च सेंटर भी बनाया गया है. वादा किया गया था कि इसमें गौ मूत्र और गोबर से दवाई, खाद आदि बनाये जाएंगे. एक्सपर्ट वैज्ञानिकों को लाया जाएगा मगर ये वादे सिर्फ वादे बनकर रह गए. रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों के लिए 6 पद है लेकिन अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं की गई है. इस परियोजना का उद्देश्‍य गौमूत्र औषधी निर्माण, पंचगव्‍य आधारित गौ उत्‍पादों पर शोध, औषधी निर्माण, जैविक खाद, बायोगैस निर्माण सहित पर्यटन स्‍थल का निर्माण करना है. अब तक इस परियोजना में विभिन्‍न विभागों  द्वारा 32 करोड़ से अधिक का कार्य किया जा चुका है. अभ्यारण्य में बनाए गए शेडों में गायों के लिए पंखे से लेकर सोलर लाईट तक लगाई गई है. वर्तमान में यहां पर अधिकांश भूसा गौदाम खाली ही पड़े हैं जबकि यहां पर डेली 300 क्विंटल भूसे की खपत हो जाती है, जिसकी वजह से आने वाले दिनों में गायों की डाइट पूरी करना भी मुश्किल हो जाएगा. बजट के अभाव में यहां पर अब तक गायों को केवल भूसा ही खिलाया जाता है. 


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