महामीडिया न्यूज सर्विस
असम में खुद राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर अफसर का ही नहीं है सूची में नाम

असम में खुद राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर अफसर का ही नहीं है सूची में नाम

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 50 दिन 14 घंटे पूर्व
02/08/2018
नई दिल्‍ली (महामीडिया) असम में राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर के मसौदे से जिन लोगों के नाम छूटे थे उनमें सरकार द्वारा नियुक्‍त फील्‍ड लेवल अफसर मोइनुल हक तक शामिल हैं, जिन्‍होंने खुद रजिस्‍टर में लोगों के नाम तस्‍दीक कराने के बाद दर्ज कराए.  असम में उदलगुडी जिले के एक शिक्षक का नाम भी एनसीआर के अंतिम मसौदे में नहीं है. जब यह मसौदा जारी हुआ तब जिन लोगों के नाम छूट गए, उनमें अजीब सा डर देखा गया. ह‍क खुद अपना नाम गायब होने पर हैरान हैं. वह उन 55 हजार सरकारी कर्मचारियों व कांट्रेक्‍ट वर्करों में से एक थे, जिन्‍होंने एनआरसी अपडेट कराने की प्रक्रिया को पूरा किया. लेकिन वह खुद गिनती से बाहर हो गए. उनके मुताबिक वह इस बारे में वरिष्‍ठ अधिकारियों से बात करेंगे कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? उन्‍हें भारतीय नागरिक क्‍यों नहीं माना गया?अन्‍य लोग जो छूटे हैं उनमें आर्मी जवान, सीआईएसएफ हेड कांस्‍टेबल, एजी ऑफिस के गजटेड अफसर और असम पुलिस स्‍पेशल ब्रांच के एक एसआई तक शामिल हैं. एएसआई मुख्‍यमंत्री सब्रनंद सोनोवाल की सुरक्षा में शामिल हैं. वह पूर्व सीएम तरुण गोगोई के भी सुरक्षा दस्‍ते का हिस्‍सा थे. मोइनुल हक के हवाले से कहा कि उनके परिवार के सभी 11 सदस्‍यों का नाम एनआरसी में शामिल नहीं है. वह बताते हैं कि बीते 3 साल में मैंने स्‍कूल में बहुत कम समय बिताया क्‍योंकि मैं ज्‍यादातर एनआरसी के काम में ही लगा रहता था. उनके छोटे भाई भी सरकारी स्‍कूल में टीचर हैं.

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