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अदालतें कानून नहीं बना सकती हैं -सुप्रीम कोर्ट

अदालतें कानून नहीं बना सकती हैं -सुप्रीम कोर्ट

admin | पोस्ट किया गया 10 दिन 14 घंटे पूर्व
10/08/2018
नई दिल्ली(महामीडिया)  राजनीति का अपराधीकरण रोकने की बार-बार अपील करने और विधायिका पर इस संबंध में पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप लगाये जाने के बीच सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को अधिकारक्षेत्र का दायरा याद दिलाते हुए कहा कि एक लक्ष्मण रेखा है.प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की संविधान पीठ ने गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे लोगों को चुनावी राजनीति से बाहर करने का अनुरोध करने वाली जनहित यचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राष्ट्र की तीन इकाइयों कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत का हवाला दिया.
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