महामीडिया न्यूज सर्विस
जेजे एक्ट अगर ठीक से लागू होता तो देवरिया-मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं नहीं होती- सुप्रीम कोर्ट

जेजे एक्ट अगर ठीक से लागू होता तो देवरिया-मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं नहीं होती- सुप्रीम कोर्ट

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 57 दिन 16 घंटे पूर्व
21/08/2018
नई दिल्ली  (महामीडिया)शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि केंद्र अपने स्तर और राज्य अपने स्तर पर शेल्टर होम की निगरानी के लिए कमिटी बनाई जाए. बच्चों की संख्या में आई कमी को लेकर केंद्र सरकार ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट में राज्यों से बात कर जवाब दाखिल करेगी. जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को सुनवाई दौरान कहा कि अगर जेजे  एक्ट अगर ठीक से लागू होता तो देवरिया और मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएं नहीं होती. सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम में बच्चों की संख्या में तेजी से आई कमी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास भी दिल और आत्मा है, आखिर बच्चों की संख्या में इतनी कमी क्यों आई. वहीं केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में रहने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है.केंद्र सरकार ने कहा कि 2016 में ये संख्या 4 लाख थी जो घटकर 2 लाख हो गई है. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आखिर ये बच्चे कहां गए ? ये जो संख्या है वो अलार्मिंग है ? केंद्र सरकार ने कहा की 2016 के सर्वे के मुताबिक 4 लाख 70 हज़ार बच्चे अनाथालय समेत दूसरे संस्थान में थे लेकिन मिनिस्ट्री ने 2018 में जो आंकड़े दिए है उसमें 2लाख 61 हज़ार बच्चे है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा कि इन शेल्टरहोम को कैसे मॉनिटर किया जाए इसको लेकर कोई योजना बनाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो बच्चों की संख्या कम हुई है आखिर वो कहां गए ? कितने बच्चे गुमशुदा है इसको क्या डेटा है. देश में 9569 शेल्टर होम है जिसमें से 5764 रजिस्टर्ड नही है.50 फीसदी से ज्यादा शेल्टर होम ओवर क्राउडेड है.मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार को होगी. 

और ख़बरें >

समाचार