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मोबाइल कॉल होगी महंगी, शिक्षा व स्वास्थ्य को जीएसटी से राहत

मोबाइल कॉल होगी महंगी, शिक्षा व स्वास्थ्य को जीएसटी से राहत

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 668 दिन 11 घंटे पूर्व
20/05/2017
श्रीनगर [महामीडिया]:  एक जुलाई 2017 से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद फोन पर बात करना महंगा हो जाएगा। दरअसल जीएसटी काउंसिल ने सेवाओं के लिए जीएसटी की चार अलग-अलग दरें तय करते हुए दूरसंचार सेवाओं पर जीएसटी की स्टैंडर्ड दर 18 प्रतिशत लागू करने का फैसला किया है। हालांकि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगेगा। वैसे मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए इकोनॉमी क्लास की हवाई यात्रा और परिवहन सेवाओं पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत ही रखने का फैसला किया गया है। सेवाओं पर जीएसटी की दरें तय करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे महंगाई न बढ़े।
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में श्रीनगर में जीएसटी काउंसिल की 14वीं बैठक के दूसरे दिन विभिन्न सेवाओं पर जीएसटी की चार दरें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत लगाने का फैसला किया गया। काउंसिल ने सेवाओं के लिए जीएसटी की दरों को उसी आधार पर तय किया है जिस तरह वस्तुओं के लिए दरों को तय किया गया है। इन्हें तय करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि आम लोगों पर महंगाई की मार न पड़े। वित्त मंत्री ने कहा भी है कि जीएसटी उपभोक्ताओं के अनुकूल होगा। इस तरह सेवाओं और अधिकांश वस्तुओं पर जीएसटी की दरें तय होने के बाद अब बस चंद वस्तुएं बची हैं जिन पर जीएसटी की दर तय की जानी है।
बैठक के बाद वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि दूरसंचार और वित्तीय सेवाओं पर जीएसटी की 18 प्रतिशत की दर लागू होगी। फिलहाल दूरसंचार सेवाओं पर 15 प्रतिशत सेवा कर लगता है। वहीं परिवहन सेवाओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा और टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली एप आधारित ओला और उबर कंपनियों की सेवाओं पर भी यही दर लागू होगी। फिलहाल कैब सेवाओं पर छह प्रतिशत की दर से सेवा कर लगता है। रेलवे की गैर-एसी यात्रा पर जीएसटी नहीं लगेगा जबकि एसी यात्रा पर पांच प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जाएगा। इकॉनामी श्रेणी की हवाई सेवा पर जीएसटी पांच प्रतिशत जबकि बिजनेस श्रेणी की सेवा पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वैसे मेट्रो, लोकल ट्रेन और हज सहित धार्मिक यात्राओं पर जीएसटी नहीं लगेगा।
जहां तक रेस्टोरेंट का सवाल है तो 50 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले रेस्टोरेंट में खाना खाने पर पांच प्रतिशत जीएसटी, नॉन एसी रेस्टोरेंट में 12 प्रतिशत, शराब परोसने वाले एसी रेस्टोरेंट में 18 प्रतिशत और फाइव स्टार होटलों के रेस्टोरेंट पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वहीं व‌र्क्स कान्ट्रेक्ट जैसे सफेदी कराने जैसे कार्य के लिए 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। मनोरंजन कर को सेवा कर में समाहित कर सिनेमा सेवाओं पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। यही दर गैंबलिंग और रेस कोर्स में बेटिंग पर भी लागू होगी। वैसे लॉटरी पर कोई टैक्स नहीं होगा। सिनेमा सेवाओं पर फिलहाल कुल 40 से 50 प्रतिशत टैक्स लगता है लेकिन जीएसटी की दर कम होने के बावजूद शायद यह सेवा सस्ती न हो क्योंकि कई राज्य स्थानीय निकायों के लिए धनराशि जुटाने को सिनेमा सेवाओं पर स्थानीय मनोरंजन कर लगा सकेंगे। रोजाना एक हजार रुपये से कम किराए वाले होटलों पर जीएसटी नहीं लगेगा हालांकि 1000 रुपये से 2000 रुपये किराए वाले होटलों पर 12 प्रतिशत, 2500 रुपये से 5000 रुपये किराए वाले होटलों पर 18 प्रतिशत और 5000 रुपये से अधिक किराए वाले होटलों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। ऑनलाइन कारोबार करने वाली फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी कंपनियों को आपूर्तिकर्ता को पेमेंट करते समय एक प्रतिशत टैक्स काटकर सरकार के खजाने में जमा करना होगा।
खास बात यह है कि जिन सेवाओं पर फिलहाल सेवा कर से छूट प्राप्त है, उनमें से कई छूटें समाप्त हो जाएंगी। वित्त मंत्री का कहना है कि जीएसटी से महंगाई नहीं बढ़ेगी और स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सेवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर रहेंगी। जेटली ने फिर दोहराया कि सरकार एक जुलाई से जीएसटी लागू करने को पूरी तरह तैयार है।

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