महामीडिया न्यूज सर्विस
हरतालिका तीज कल

हरतालिका तीज कल

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 346 दिन 12 घंटे पूर्व
11/09/2018
भोपाल  (महामीडिया)  भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। इस साल हरतालिका व्रत 12 सितंबर को पड़ रहा है। इस दिन गौरी-शंकर की पूजा का विधान है। मान्यता है कि सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। इस व्रत में भगवान शिव-माता पार्वती के विवाह की कथा सुनने का महत्व है।हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने तृतीया तिथि को ही भगवान शिव को पुनः प्राप्त किया था। मां पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेकर माता सती ने घोर तपस्या की और भगवान शिव को फिर से पति के रूप में प्राप्त किया। इसलिए शादीशुदा महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके पति की लंबी उम्र और सौभाग्य का वरदान मांगती हैं। वहीं, कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए ये व्रत रखती हैं।महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने वाली महिलाओं को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्‍य का वरदान देते हैं। एक बार इस व्रत को शुरू करने के बाद आजीवन इस व्रत को रखना पड़ता है। सुहागिन महिलाएं नए वस्त्र पहनती हैं और सोलह शृंगार करती हैं।सुहाग की सामग्री को मां पार्वती को अर्पित करें। भगवान शिव को वस्‍त्र अर्पित करें। पूजन सामग्री को किसी सुहागिन महिला को दान दें। इस व्रत को करने वाली महिलाएं पूरी रात जागरण करते हुए शिव-पार्वती का ध्यान व भजन करती हैं। हरतालिका तीज व्रत में प्रदोष काल में पूजा की जाती है।


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