महामीडिया न्यूज सर्विस
दिवाली के पर्व का उजास बॉलीवुड से भी अनछुआ नहीं रहा है

दिवाली के पर्व का उजास बॉलीवुड से भी अनछुआ नहीं रहा है

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 16 दिन 2 घंटे पूर्व
05/11/2018
मुंबई  (महामीडिया) दीवाली ऐसा त्योहार है जो सभी साथ में मिलकर मनाते हैं और एक-दूसरे से खुशियां बांटते हैं। जहां एक ओर पूरा देश दीवाली मना रहा है तो हमारा बॉलीवुड कहां पीछे रहने वाला है। हिंदी सिनेमा के पर्दे पर दिवाली के पर्व का उजास अनछुआ नहीं रहा है। कुछ फिल्‍मों के गीतों व दृश्‍यों में दिवाली एक अहम विषय की तरह शामिल रहा है। दिवाली की पृष्‍ठभूमि पर फिल्‍माए गीतों में दिवाली का उजास, खुशियां और भव्‍यता स्‍पष्‍ट रूप से नजर आई। हिंदी फिल्‍मों के ब्‍लैक एंड व्‍हाइट के क्‍लासिक दौर से लेकर रंगीन फिल्‍मों तक और आधुनिक तकनीकी दौर तक, हर समय में दिवाली एक केंद्रीय भाव की तरह कायम रही है। 'मेले हैं चरागों के रंगीन दीवाली है' 1961 में आई फिल्‍म 'नजराना' के इस दीवाली गीत को लता मंगेशकर ने गाया है। यह ब्‍लैक एंड व्‍हाइट दौर की खुशनुमा दीवाली का गीत है। इस गीत का फिल्‍मांकन राजकपूर और वैजयंती माला पर किया गया है। फिल्‍म 'पैग़ाम' का गीत 'कैसे दीवाली मनाएं हम लाला, अपना तो बारह महीने दीवाला' मोहम्‍मद रफ़ी ने गाया है। वास्‍तव में यह एक कॉमेडी गीत है लेकिन इसमें दीवाली का भरपूर इस्‍तेमाल किया गया है। 1977 की फिल्‍म 'शिर्डी के सांई बाबा' का गीत दीपावली मनाई सुहानी सर्वाधिक लोकप्रिय माना जाता है। 2001 की मल्‍टी स्‍टारर सुपरहिट फिल्‍म 'कभी खुशी कभी गम' का टाइटल गीत 'कभी खुशी कभी ग़म' असल में एक दीवाली गीत है। इसमें जया बच्‍चन दीवाली की पूजा करते हुए इस गीत को गाती है। वे अमिताभ बच्‍चन की पूजा करती हैं। गीत में रानी मुखर्जी व शाहरूख खान भी नजर आते हैं। बॉलीवुड में जहां कई स्टार्स अपने परिवार के साथ दीवाली मनायेंगे। वहीं कई फिल्मी सितारों ने अपने दोस्तों के साथ दीवाली मनाने की तैयारी कर ली है। कई बड़े बजट की फिल्में दीवाली पर अपनी रोशनी बिखरेंगी।
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