महामीडिया न्यूज सर्विस
दीपावली पर कुबेर पूजन का महत्व

दीपावली पर कुबेर पूजन का महत्व

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 286 दिन 16 घंटे पूर्व
06/11/2018
भोपाल (महामीडिया) दीपावली पर कुबेर पूजन का बहुत महत्व है। कुबेर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की धन-सम्पदा के स्वामी होने के साथ देवताओं के भी धनाध्यक्ष माने जाते हैं। कुबेर ने कई जन्मों तक भगवान शंकर की पूजा-आराधना की। पादकल्प में जब ये विश्रवा मुनि के पुत्र हुए तब इन्होंने भगवान शंकर की विशेष आराधना की। भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर इन्हें उत्तर दिशा का आधिपत्य, अलकापुरी का राज्य, चैत्ररथ नामक दिव्य वन और एक दिव्य सभा प्रदान की। दीवाली के दिन कुबेर की विधिपूर्वक पूजा होती है। लक्ष्मीपूजन के बाद तिजोरी या रुपये रखने वाली आलमारी पर स्वस्तिक बना कर 'कुबेराय नम:' से पंचोपचार पूजन (रोली, चावल, धूप, दीप व नैवेद्य) करें। फिर 'धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च। भगवन् त्वत्प्रसादेन धनधान्यादि सम्पद:।।' का जाप करें। एक थैली में पांच हल्दी की गांठें, साबुत धनिया, कमलगट्टा, अक्षत, दूर्वा और सिक्के रखकर थैली को तिजोरी में रख दें। कुबेर की पूजा से मनुष्य का दु:ख-दारिद्रय दूर होता है और अनन्त ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। कुबेर अपने भक्तों को उदारता, सौम्यता, शान्ति व तृप्ति आदि गुण प्रदान करते हैं।

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